'बस बहुत हुआ.. अब किसी ओर को निर्भया नहीं बनने देंगे'
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बस बहुत हुआ, अब और किसी को निर्भया नहीं बनने देंगे। देश की राजधानी में मासूम बच्चियों से हैवानियत व दरिंदगी ने सोचने पर मजबूर कर दिया है कि आखिर हम किस समाज में रहते हैं।
जहां महिलाओं के बाद अब मासूम बच्चियां भी सुरक्षित नहीं हैं। दिल्ली महिला आयोग (डीसीडब्ल्यू) अध्यक्ष स्वाति मालीवाल ने कहा कि इस मुद्दे पर वह केंद्रीय गृहमंत्री, उपराज्यपाल, मुख्यमंत्री व पुलिस कमिश्नर से सीधे बात करेंगी, ताकि ठोस कदम उठाए जा सकें।
स्वाति मालीवाल शनिवार सुबह घटना की जानकारी मिलने के बाद सबसे पहले संजय गांधी अस्पताल पहुंची और उसके बाद दूसरी पीड़िता से मिलने जीटीबी अस्पताल भी पहुंची। स्वाति के मुताबिक, दोनों बच्चियों की हालत बेहद गंभीर बनी है।
बच्चियों से दरिंदगी ने हिलाकर रख दिया
एक ओर नवरात्र पर देवियों की पूजा हो रही है तो देश की राजधानी में मासूम बच्चियां दरिंदगी का शिकार बन रही हैं। सुबह उठते ही मासूम बच्चियों से दरिंदगी की खबर ने अंदर तक हिलाकर रख दिया। बच्चियों की हालत देखकर बेहद दुख हुआ।
एक बच्ची तो महज ढाई साल की है, जिसकी ब्लीडिंग नहीं रूक रही है। परिजनों को कहा है कि यदि वे सरकारी अस्पताल के इलाज से नाखुश होंगे तो उन्हें दूसरे अस्पताल में इलाज की सुविधा मुहैया करवायी जाएगी। इसके अलावा सरकार से जल्द मुआवजे की भी मांग की जाएगी।
स्वाति के मुताबिक, अब महिला सुरक्षा के मुद्दे पर हम सबको मिलकर काम करना होगा। इसके लिए आयोग केंद्रीय गृहमंत्री राजनाथ सिंह, उपराज्यपाल नजीब जंग, मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल व पुलिस कमिश्नर बीएस बस्सी से एक साथ बैठक करने की मांग करेगा।
ताकि सभी साथ बैठकर अब महिला सुरक्षा पर ठोस कदम उठाने पर रूपरेखा बना सकें। सुरक्षा का माहौल बनाने के साथ सख्त कानून भी बनान होगा, ताकि फिर दोबारा ऐसी घटनाएं न हों।