गुरुग्राम: दिव्यांग किशोर के साथ सामूहिक कुकर्म के बाद मौत, पुलिस पर समझौता कराने का आरोप
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साइबर सिटी में मानसिक दिव्यांग किशोर के साथ दरिंदगी के बाद सामूहिक कुकर्म की बड़ी वारदात सामने आई है। आरोपियों ने हैवानियत की सारी हदें पार करते हुए पीड़ित के साथ कुकर्म करने के साथ मारपीट की जिससे उसकी रीढ़ की हड्डी में चोट आ गई। बेसूध हालत में उसे छोडने के बाद आरोपियों ने पीड़ित के रेहड़ी चलाने वाले पिता को धमकाया।
आरोपियों की दबंगई से घबराकर पिता ने उसे अस्पताल नहीं लेकर गए। शुक्रवार दोपहर को किशोर की मौत होने के बाद उसे रेहड़ी में डालकर उसके शव को खेड़कीदौला क्षेत्र में फेंक दिया। मामला सुर्खियों में आने के बाद सेक्टर-5 थाना पुलिस ने अज्ञात के खिलाफ पोक्सो समेत हत्या का मामला दर्ज कर लिया है। डीसीपी वेस्ट सुमेर सिंह के मुताबिक शव के पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।
घटना 14 जून शाम की है। सेक्टर-5 थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले अशोक विहार में रहने वाले 15 वर्षीय मानसिक दिव्यांग किशोर को कॉलोनी के तीन लड़के अगवा करके ले गए। आरोपियों ने उसके साथ हैवानियत की सारी हदें पार करते हुए उसके साथ दरिंदगी की। इसके बाद आरोपियों ने पीड़ित के पिता पर दबाव बनाते हुए धमकाया। जिससे वे काफी डर गए।
उन्होंने किशोर का अस्पताल में इलाज तक नहीं कराया। आरोप है कि इस संबंध में सेक्टर-5 थाना पुलिस में शिकायत दर्ज कराने की कोशिश की लेकिन पुलिस ने मामला दर्ज करने की बजाय उन पर समझौता करने का प्रयास किया गया। दूसरी ओर, 9 दिन इलाज के अभाव के बाद शुक्रवार दोपहर को किशोर की मौत हो गई। घबराए पिता ने रेहड़ी पर ही शव को रखकर खेड़कीदौला क्षेत्र में सुनसान जगह पर फेंक दिया।
एक एनजीओ की मदद से मामला खुलने के बाद पीड़ित पिता ने आपबीती सुनाई। जिस पर पुलिस के आला अधिकारियों के संज्ञान में मामला आने के बाद आनन फानन में पुलिस ने पोक्सो और हत्या का मामला दर्ज कर लिया। हालांकि पुलिस ने अभी तक एक भी आरोपी को गिरफ्तार नहीं किया है।
उनके मुताबिक रविवार को पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी। उधर, शनिवार शाम को पीड़ित परिजनों समेत कई संगठन के लोगों ने आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए सेक्टर-5 गोल चक्कर पर जाम लगाया। डीसीपी वेस्ट सुमेर सिंह के मुताबिक पोस्टमार्टम रिपोर्ट के आने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी। पुलिस जांच में जुटी हुई है।
अशोक विहार में मानसिक दिव्यांग किशोर के साथ सामूहिक कुकर्म के बाद मौत के मामले में पुलिस की कार्रवाई पर भी सवालिया निशान लगे है। पीड़ित पिता ने बताया कि आरोपियों की धमकी से डरने के बावजूद वह 20 जून को सेक्टर-5 थाना में शिकायत के लिए पहुंचा। लेकिन शिकायत दर्ज करने की बजाय कई घंटों तक थाने में बैठाए रखा।
पुलिस तीन आरोपियों को पकड़कर भी लेकर आई, लेकिन पुलिस ने कार्रवाई की बजाय समझौता कराने की कोशिश करने लगी। परिजनों का आरोप है कि पुलिसकर्मियों ने कहा कि पीड़ित मानसिक दिव्यांग है कुछ भी बोल रहा है। ये तीनों इसके इलाज का खर्च उठा लेंगे। इसके बाद पिता निराश होकर वापस घर आ गए।
पीड़ित पिता इतने डर गए कि उन्होंन अपने बच्चे का अस्पताल में ले जाकर इलाज नहीं कराया। इस घटना के बाद कॉलोनी में रहने वाली एक महिला आगे आई और उसने न्याय का भरोसा दिलाया। शुक्रवार दोपहर को किशोर की मौत के बाद उसके पिता ने निराश होकर अपनी रेहड़ी पर डालकर खेड़कीदौला क्षेत्र में शव फेंककर आ गए।
शुक्रवार शाम को जब महिला घर पर किशोर का हाल जानने के लिए आई तो उन्होंने कहा कि वह दादा-दादी के पास चला गया। महिला को कुछ शक हुआ तो उसने सेक्टर-5 थाना पुलिस को सूचित कर परिजनों से पूछताछ के लिए कहा। लेकिन इसके बाद भी पुलिस नहीं आई। शनिवार सुबह शक्ति वाहिनी स्वयंसेवी संस्था से जुड़ी महिला कर्मी आई और उन्होंने पीड़ित परिजनों से बातचीत की तो आखिरकार उन्होंने सारी सच्चाई बता दी।
घटना के बाद खेड़कीदौला क्षेत्र से शव को ढूंढकर वापस घर लाया गया और पुलिस को सूचना देने के बाद पोस्टमार्टम हाउस में रखवा दिया गया। बताया जा रहा है कि इस संबंध में मामला तूल पकड़ने के बाद थाना पुलिस ने आनन फानन में मामला दर्ज कर दिया। सेक्टर-5 थाना पुलिस के अतिरिक्त प्रभारी उप निरीक्षक कुंदन लाल ने बताया कि दो दिन पहले लड़ाई झगड़े का मामला सामने आया था। शनिवार दोपहर को पीड़ित के बयान दर्ज मामला दर्ज कर लिया गया।