बच्चों के स्कूल पहुंचने पर मंडराया संकट
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शहर के करीब एक लाख बच्चों के लिए अब स्कूल जाना दुश्वार होने वाला है। वजह है हाईकोर्ट के 18 दिसंबर 2015 के आदेश के बाद रोड एंड ट्रांसपोर्ट अथॉरिटी (आरटीए) स्कूल पहुंचाने वाली कैब पर प्रतिबंध लगाने की तैयारी कर रही है।
फिलहाल शहर के अधिकतर प्ले स्कूलों में इन कैब के जरिये ही बच्चे लाए और ले जाए जाते हैं। कैब के बंद होने से अभिभावक और स्कूल प्रबंधन भी परेशान हैं। बच्चों को स्कूल पहुंचाने की फौरी तौर पर कोई वैकल्पिक व्यवस्था नहीं कि गई है।
शहर में करीब दस हजार कैब चालक रोजाना 500 स्कूलों के करीब एक लाख से ज्यादा बच्चों को स्कूल लाते और ले जाते हैं। ऐसे में साफ है कि अगर कैब बंद हो गई तो बच्चे कैसे स्कूल पहुंचेंगे और पढ़ेंगे।
इसके लिए अभिभावकों और स्कूल प्रशासन के लिए गंभीर समस्या खड़ी हो गई है। क्योंकि ज्यादातर प्ले स्कूलों में बस नहीं है। उन स्कूलों में कैब से ही बच्चों के लिए पिक एंड ड्राप सुविधा उपलब्ध है। कई स्कूलों की बसों के रूट गांव और स्लम इलाकों में नहीं होने के कारण अभिभावकों को बच्चों के लिए कैब का सहारा लेना पड़ता है।
यहां नहीं बस सुविधा
सेंट एलबंस, सेंट पीटर, सेंट जोसेफ सहित कई प्ले स्कूलों में नहीं हंै अपनी बसें
हजार कैब ढोती हैं बच्चों को
सौ से ज्यादा स्कूलों में लगी हैं
शहर के 500 स्कूलों में कैब सेवा लगी है। कई बड़े स्कूलों में तो एक भी बस नहीं है? आरटीए की सभी गाइडलाइन पूरा की जाती है। अगर हाईकोर्ट का आदेश है तो प्रशासन और विभाग को कोई विकल्प ढूंढना चाहिए।