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बाहर निकलने से पहले कर लें खुद की सुरक्षा के उपाय, 408 पर पहुंचा वायु गुणवत्ता सूचकांक
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नोएडा
Updated Wed, 31 Oct 2018 03:40 AM IST
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air pollution
- फोटो : PTI
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शहर से मंगलवार को वायु गुणवत्ता सूचकांक सबसे खतरनाक स्तर पर पहुंच गया है। ऐसे में घरों से बाहर निकलते समय एहतियाती उपाय करने और जहां तक संभव हो बाहर निकलने से बचने की जरूरत है। नोएडा में वायु गुणवत्ता सूचकांक 408 दर्ज किया गया।
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हवा में पीएम 2.5 का स्तर बढ़ने से सांस के मरीजों को दिक्कत बढ़ जाती है। वरिष्ठ डॉ. ज्ञानेन्द्र अग्रवाल ने बताया कि वायु प्रदूषण से कई तरह की बीमारियों हो सकती हैं। यहां तक की अपंगता का कारण भी बन सकता है। सांस के साथ अधिक मात्रा में कार्बन शरीर में जाने से व्यक्ति थकान महसूस करने लगता है। दिल्ली-एनसीआर और इसके आस-पास रहने वाले अस्थमा के मरीजों पर बुरा असर पड़ता है। इन्हें घर के अंदर रहने की सलाह दी जाती है। यहां तक कि स्वस्थ लोगों में भी प्रदूषण के कारण सांस की परेशानी, सूखी खांसी, त्वचा की समस्याएं और आंखों में खुश्की हो सकती है। ऐसे में बाहर निकलने से पहले प्रदूषित हवा सुरक्षा के समुचित उपाय करना जरूरी है।
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सेक्टर-125 और 62 का हाल
सेक्टर -125 में पीएम 2.5 का स्तर 412 माइक्रोग्राम प्रति क्यूबिक मीटर दर्ज किया गया। वहीं पीएम10 का स्तर 414 रहा। मानक के अनुसार पीएम 10 का स्तर 100 और पीएम 2.5 का स्तर 60 माइक्रोग्राम प्रति क्यूबिक मीटर होना चाहिए। वहीं, सेक्टर - 62 में पीएम 2.5 का स्तर 391 और पीएम 10 का स्तर 401 दर्ज किया गया।
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ऐसे बचाएं प्रदूषण से
-हवा साफ करने वाले पौधे लगाएं: घर की भीतरी हवा को साफ रखने के लिए एयर-प्यूरीफाइंग पौधे लगा सकते हैं, जैसे मनी प्लांट, एलोवेरा और स्पाइडर प्लांट। ये सभी पौधे अपने आसपास की हवा को साफ करते हैं।
-एसी के फिल्टर को साफ करें: एसी के फिल्टर को नियमित रूप से साफ करें ताकि कमरे में आने वाली हवा में धूल न हो।
-मास्क पहनें: जिन क्षेत्रों में धूल ज्यादा उड़ती हो वहां पर मास्क पहनकर जाएं। ऐसे मास्क का प्रयोग करें जो चेहरे पर अच्छी तरह फिट हो सके।
-एयर प्यूरीफायर इस्तेमाल करें: एयर प्यूरीफायर कमरे की भीतरी हवा को साफ करता है।
-कार के भीतर खास ध्यान दें: कार की भीतरी हवा चार से पांच गुना ज्यादा प्रदूषित हो सकती है। कार में बैठने से पहले कुछ देर के लिए खिड़कियां खोल दें ताकि ताजी हवा भीतर आ जाए।
-सुबह की जॉगिंग करने से बचें: जहां तक हो सके सुबह मुश्किल व्यायाम न करें। घर के बाहर कम से कम जाएं। सुबह साइक्लिंग व जॉगिंग करने के बजाए घर में ही रहकर जिम करें। बच्चों का खास ध्यान रखें कि वे घर से बाहर कम रहें।
-खान पान का रखें ध्यान: विटामिन सी, मैग्निशियम और ओमेगा फैटी एसिड से युक्त फलों का सेवन करें।