आईसीयू में भर्ती स्वाति मालीवाल की हालत में सुधार, स्वस्थ होने के बाद भी जारी रहेगा धरना
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महिला सुरक्षा के लिए आमरण अनशन पर बैठीं दिल्ली महिला आयोग की अध्यक्ष स्वाति मालीवाल की 13वें दिन रविवार सुबह हालत बिगड़ी गई। आनन-फानन में उन्हें दिल्ली गेट स्थित लोकनायक अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा। हालांकि सोमवार को उनकी हालत में सुधार हुआ है और माना जा रहा है कि देर शाम तक उन्हें अस्पताल से छुट्टी मिल सकती है।
आपातकालीन आईसीयू में मालीवाल को चार वरिष्ठ डॉक्टरों की टीम की निगरानी में रखा गया है। डॉक्टरों का कहना है कि स्वाति मालीवाल का शरीर काफी कमजोर है, जिसकी वजह से उनका ब्लड प्रेशर भी कम हो रहा था। रविवार से लेकर अब तक उन्हें तीन-चार बोतल ग्लूकोज चढ़ाई जा चुकी है।
अस्पताल में आते ही सबसे पहले उन्हें ग्लूकोज दिया गया। हालांकि, मालीवाल ने इसके लिए इंकार भी किया, लेकिन उनके स्वास्थ्य को देखते हुए यह बेहद जरूरी था। अगले 24 घंटे तक मालीवाल को गहन निगरानी में रखा गया। अब उनकी हालत में काफी सुधार है और देर शाम तक उन्हें डिस्चार्ज किया जा सकता है।
महिला सुरक्षा और दुष्कर्म मामलों में छह माह के भीतर दोषी को फांसी की सजा दिलाए जाने की मांग को लेकर बीते 3 दिसंबर से दिल्ली महिला आयोग की अध्यक्ष अनशन पर हैं। उन्होंने दिल्ली के जंतर-मंतर से प्रदर्शन शुरू किया था।
अगले ही दिन उन्हें राजघाट स्थित समता स्थल पर पुलिस ने प्रदर्शन की मंजूरी दे दी। मालीवाल के समर्थन में अब तक सोशल मीडिया से लेकर देश के विभिन्न राज्यों में भी प्रदर्शन किए जा चुके हैं। निर्भया की मां भी दो बार उनसे मिलने धरना स्थल पर जा चुकी हैं।
मालीवाल का बीते तीन दिनों से लगातार स्वास्थ्य गिर रहा था। हर दिन डॉक्टर उनका मेडिकल चेकअप भी कर रहे थे। बावजूद इसके, मालीवाल ने अनशन नहीं तोड़ने की बात कही। उनका कहना था कि जब तक सरकार नहीं मानेगी वे अनशन जारी रखेंगी। फिर चाहे उनका दम ही क्यों न निकल जाए।
धरना स्थल पर बेहोश होने और उसके बाद अस्पताल में भर्ती कराए जाने के बाद स्वाति मालीवाल के समर्थन में अस्पताल से लेकर सोशल मीडिया तक लोगों ने सरकार को दोषी ठहराया।
उनके समर्थन में दोपहर तक अस्पताल के आपातकालीन विभाग के बाहर काफी संख्या में महिलाएं मौजूद रहीं। हाथों में समर्थन के बैनर लिए इन महिलाओं का कहना था कि सरकार को शर्म आनी चाहिए।
मालीवाल इतने दिन से भूखी-प्यासी राजघाट पर बैठी हैं, लेकिन भाजपा सरकार के नेता राजनीति में जुटे हैं। स्वाति मालीवाल के स्वस्थ होने के बाद भी धरना जारी रहेगा।