स्वराज अभियान का हल्ला बोल शुरू, अजमेरी गेट में बंद कराई शराब की दुकान
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स्वराज अभियान ने रविवार से शराब नहीं, स्वराज चाहिए कंपेन के अगले चरण का आगाज किया। पहले दिन वरिष्ठ वकील व अभियान के संस्थापक सदस्य प्रशांत भूषण की अगुवाई में मटिया महल इलाके में शराब की एक दुकान पर हल्ला बोला गया।
इस मौके पर बड़ी संख्या में अभियान के सदस्य भी मौजूद थे। इसके बाद दुकान बंद कर दी गई। अभियान का दावा है कि आने वाले दिनों में इस तरह की सभी दुकानों को बंद करवाया जाएगा।
दरअसल, स्वराज अभियान ने दिल्ली सरकार को अल्टीमेटम दिया था कि 11 सितंबर तक ऐसी सभी दुकानों को बंद कराया जाए, जो आम लोगों की मर्जी से नहीं खुली हैं।
अभियान ने ऐसी दुकानों की एक लिस्ट भी जारी की थी। रविवार को आखिरी दिन था। तयशुदा समय से पहले कोई कार्रवाई न होने पर शराब नहीं, स्वराज अभियान को अगले चरण में ले जाते हुए हल्ला बोल कार्यक्रम आयोजित किया गया।
इसके तहत मटिया महल विधानसभा में अजमेरी गेट के नजदीक की शराब दुकान बंद करवाई गई। इस मौके पर अभियान की कार्यकारिणी के सदस्य अनुपम ने कहा कि मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल की नशा मुक्ति की परिभाषा दूसरी है।
केजरीवाल और पीएम पर बोला हमला
दिल्ली में नशा मुक्ति किया तो 371 वर्किंग डेज में 399 लाइसेंस दे दिए। वहीं, पंजाब को नशा मुक्त करने का झूठा वायदा कर रहे हैं। अनुपम ने तंज कसा कि हमने देश के लिए प्रधानमंत्री चुना तो वो विदेश में ही रहते हैं।
दिल्ली के लिए मुख्यमंत्री चुना तो वो बाकी राज्यों में ही खुटा गाड़ने की बात करता है। एक रिलायंस जियो के प्रचारक हैं, दूसरे शराब पियो के। वहीं, प्रशांत भूषण ने कहा कि एक साल में सरकार का रेवेन्यू 600 करोड़ बढ़ा है, लेकिन सरकार ने नशा मुक्ति के लिए कुछ काम नहीं किया है।
उन्होंने कहा कि अब हम सबको स्वराज के सिद्धांत के तहत इस ठेके को ना खुलने देने की जिम्मेदारी अपने हाथों में लेनी पड़ेगी। उन्होंने कहा कि अगर यह ठेका इसके बाद भी बंद नहीं होता, तो वो इस मामले को कोर्ट में ले जाएंगे।
अभियान का दावा है कि अल्टीमेटम की अवधि पूरी न होने के बाद अब आम दिल्लीवासी ठेकों को बंद करवाने की जिम्मेदारी अपने हाथ में ले रहे हैं। 399 नए शराब की दुकानों को बंद करने तक हल्ला बोल अभियान चलता रहेगा।