फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Delhi ›   Delhi NCR News ›   surgery is done on children immediately In case of drinking acid and toilet cleaner

मां-बाप रहें सावधान: अस्पताल पहुंच रहे रोजाना 100 बच्चे, तेजाब पीने से गल रही आंतें; तुरंत होती है सर्जरी

Mon, 10 Feb 2025 08:33 AM IST
अनुज कुमार अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली
अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली Published by: अनुज कुमार Updated Mon, 10 Feb 2025 08:33 AM IST
सार

अस्पताल के बाल चिकित्सा शल्य चिकित्सा विभाग के डॉक्टर डॉ. आयुष खाती ने बताया कि ऐसे मामलों में तुरंत बच्चों की सर्जरी की जाती है। उन्होंने कहा कि विभाग की ओपीडी में रोजाना 100 के करीब मरीज आते हैं। इनमें से करीब 25 बच्चों को सर्जरी के लिए भर्ती करना पड़ता है।

विज्ञापन
surgery is done on children immediately In case of drinking acid and toilet cleaner
सर्जरी - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

घर में सफाई के लिए लाया गया तेजाब व टॉयलेट क्लीनर बच्चों की आंतें गला रहा है। खेल-खेल में बच्चे अक्सर इन्हें पी लेते हैं। लोक नायक अस्पताल में हर माह ऐसे बच्चे आते हैं। इनकी तुरंत सर्जरी करनी पड़ती है। विशेषज्ञ बताते हैं कि मरीजों से बातचीत के दौरान यह पाया गया कि अक्सर माता-पिता बच्चों पर ध्यान नहीं देते। छोटी उम्र के बच्चे अक्सर हाथ में आई हर वस्तु को मुंह में डालते हैं। ऐसे में बिना सावधानी से रखे तेजाब व टॉयलेट क्लीनर को भी बच्चे पी लेते हैं। ऐसी दुर्घटनाओं में बच्चों की फूड पाइप के साथ आंत तक गल जाती है। लोक नायक अस्पताल में हर माह ऐसे करीब दो बच्चे पहुंच रहे हैं। इसमें ज्यादातर मरीज उत्तर प्रदेश से आते हैं।

विज्ञापन


अस्पताल में रोजाना पांच से 10 मरीजों की सर्जरी होती हैं। इसमें तेजाब के कारण आंत गलने सहित दूसरे मामले होते हैं। उन्होंने कहा कि इन मामलों में बच्चे की आंत से ही फूड पाइप को फिर से बनाया जाता है। उन्होंने कहा कि मौजूदा समय में सर्जरी में सुधार हो रहा है। पहले की तरह मरीजों को लंबे समय तक अस्पताल में रहने की जरूरत नहीं रहती। दूरबीन सहित दूसरे माध्यम से होने वाली सटीक सर्जरी में मरीज की रिकवरी भी तेज होती है।
विज्ञापन


बंद होता है पेशाब का रास्ता
विभाग में आने वाले काफी बच्चे ऐसे होते हैं जिनके पेशाब व शौच का रास्ता बंद होता है। सर्जरी की मदद से यह रास्ते बनाए जाते हैं और बच्चों के लिंग को ठीक किया जाता है। डॉक्टरों का कहना है कि पेशाब का रास्ता बंद होने के कारण किडनी खराब हो सकती है। इसके अलावा बच्चों में पथरी की शिकायत भी देखी गई है। इन्हें भी सर्जरी से दूर किया जाता है। इसके अलावा विभाग में कई अन्य तरह की सर्जरी होती है।
विज्ञापन
विज्ञापन


शोध से सर्जरी में सुधार ला रहा विभाग
सर्जरी की गुणवत्ता में सुधार लाने के लिए विभाग लगातार शोध को बढ़ावा दे रहा है। रविवार को लोक नायक अस्पताल में 17वीं बाल चिकित्सा शल्य चिकित्सा अपडेट 2025 का आयोजन हुआ। इसमें राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय विशेषज्ञों ने प्रक्षिप्त व्याख्यान, केस चर्चाएं और वीडियो डेमोंस्ट्रेशन दिए। इसमें 300 से अधिक प्रतिनिधि और वक्ता ने भाग लिया। विभाग की विभागाध्यक्ष डॉ. सिम्मी के रतन ने कहा कि ऐसे कार्यक्रम की मदद से सर्जरी में सुधार होता है। इसका सीधा फायदा बच्चों को होता है। उनकी सर्जरी में सुधार आता है। कार्यक्रम के दौरान मौलाना आजाद मेडिकल कॉलेज की डीन डॉ. पूनम नारंग, अस्पताल के चिकित्सा अधीक्षक डॉ. सुरेश कुमार सहित अन्य उपस्थिति रहे।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed