विकल्प : आयुर्वेद से हो रही है पाइल्स समेत दूसरी बीमारियों की सर्जरी, चरक संस्थान में एक महीने में 20 का इलाज
चौधरी ब्रह्म प्रकाश आयुर्वेद चरक संस्थान का शल्य तंत्र विभाग क्षारसूत्र विधि से गुदारोग की चिकित्सा की सुविधा दे रहा है। इस विधि से पिछले एक माह में 20 से अधिक सफल सर्जरी हो चुकी हैं। इसकी मदद से रोगी को आसानी से कम खर्च में सामान्य कार्य करते हुए ठीक किया जा सकता है। मरीज के ठीक होने के बाद फिर से रोग होने की आशंका भी नहीं रहती।
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एलोपैथी दवाओं के साइड इफेक्ट से परेशान मरीजों के लिए आयुर्वेद से पाइल्स समेत दूसरी बीमारी की सर्जरी का विकल्प मिला है। चौधरी ब्रह्म प्रकाश आयुर्वेद चरक संस्थान का शल्य तंत्र विभाग क्षारसूत्र विधि से गुदारोग की चिकित्सा की सुविधा दे रहा है। इस विधि से पिछले एक माह में 20 से अधिक सफल सर्जरी हो चुकी हैं। इसकी मदद से रोगी को आसानी से कम खर्च में सामान्य कार्य करते हुए ठीक किया जा सकता है। मरीज के ठीक होने के बाद फिर से रोग होने की आशंका भी नहीं रहती।
विशेषज्ञ का कहना है कि अक्सर मरीज साइड इफेक्ट के डर के कारण एलोपैथी दवाओं से दूर रहता है। ऐसे मरीजों के लिए आयुर्वेद से सर्जरी कारगर हो सकती है। शल्य तंत्र विभाग के सहायक प्रोफेसर डॉ. महेश कुमार ने कहा कि आयुर्वेद औषधियों और क्षारसूत्र विधि से सामान्य शल्य कर्म करके प्रभावित रोगी को आसानी से ठीक किया जा सकता है। संस्थान में पाइल्स, फिस्टुला, भगंदर, गुदभ्रंश, गुद कंडू, नाडीव्रण, गुदापिडिका सहित दूसरे गुदा रोगों से पीड़ित मरीजों का सफल इलाज हो रहा है। जुलाई माह में करीब 21 मरीजों का सफल ऑपरेशन किया गया। साथ ही इनसे प्रभावित रोगियों को ओपीडी में चिकित्सा व सलाह भी दी जा रही है।
तेजी से बढ़ रही है समस्या
जीवन शैली में आए बदलाव के कारण लोगों में गुदा रोग की समस्या बढ़ रही है। डॉक्टरों का कहना है कि अक्सर मरीज इसके बारे में बातचीत नहीं करते। संकोच के कारण समस्या गंभीर हो जाती है, जिस कारण सर्जरी करनी पड़ जाती है। इस रोग से पीड़ित मरीजों को कई प्रकार की दिक्कत होती है। इसे समय रहते इलाज से दूर किया जा सकता है।
रोग होने का यह है कारण
- अनियमित खानपान
- जनजागरूकता का अभाव
- शर्म के कारण रोग को छिपाना
- अत्यधिक व्यस्तता
- तला-भुना, मसाना युक्त, फास्ट फूड खाना
- अत्यधिक जंक फूड खाना
- ज्यादा समय तक बैठे रहना
- लंबे दूरी तक गाड़ी चलाना
- लंबे समय तक कब्ज की समस्या रहना
रोगी में दिखते हैं यह लक्षण
- मल मार्ग पर मवाद बनना
- सूजन या दर्द होना
- गुदा से खून आना
- गुदा में जलन होना
- गुदा का फूल जाना
- बैठने और चलने में दिक्कत होना
दवाओं से हो सकता है इलाज
डॉक्टरों का कहना है कि लक्षण दिखने पर यदि मरीज समय रहते इलाज करवाता है तो दवाओं से आराम मिल सकता है। संस्थान में ऐसे कई मरीजों का इलाज दवाओं की मदद से हुआ है।