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फेल का रिजल्ट आने से पहले किया सुसाइड
अमर उजाला,
Updated Mon, 18 May 2015 01:03 AM IST
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पुराना विजयनगर में इंटरमीडिएट की छात्रा वर्षा सिंह (17) ने फेल होने के डर से आत्महत्या कर ली। रविवार को उसका रिजल्ट आया, जिसमें वह दो विषयों में फेल है।
वह सुशीला इंटर कॉलेज में पढ़ती थी। उसके पिता शेर सिंह बागपत के रटौल में शिक्षक हैं। उसकी मौत से परिवार में कोहराम मचा है।
शेर सिंह ने बताया कि शनिवार रात वे पत्नी और बेटे के साथ बाजार गए थे। घर पर वर्षा अकेली थी। वह रिजल्ट को लेकर परेशान थी। हालांकि उसने उनसे कुछ नहीं कहा।
वे बाजार से वापस लौटे तो वर्षा का शव कमरे में रोशनदान से लटका था, चुनरी का फंदा उसके गले में था। उसने सुसाइड नोट नहीं छोड़ा है, लेकिन उसने फेल होने केडर से ही यह कदम उठाया है।
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शेर सिंह ने बताया कि वे बागपत केही रहने वाले हैं। काफी सालों से गाजियाबाद में रह रहे हैं। उनके एक बेटी-बेटा और हैं। वर्षा दूसरे नंबर की थी। रविवार को पोस्टमार्टम के बाद उसका अंतिम संस्कार कर दिया गया।
रिजल्ट का जिक्र करते ही हो जाती थी उदास
वर्षा के परिजनों ने बताया कि वर्षा कई दिन से उदास सी थी। जब उससे इस बारे में पूछा जाता तो वह टाल जाती, लेकिन उन्होंने नोटिस किया कि जब भी उससे उसके रिजल्ट का जिक्र किया जाता था, वह उदास सी हो जाती थी। शायद उसे आभास हो गया था कि उसका रिजल्ट अच्छा नहीं आएगा।
सांत्वना देने वालों का लगा तांता
बेटी की मौत के बाद शेर सिंह के घर पर दिनभर लोगों का तांता लगा रहा। वे परिवार को ढांढस बंधा रहे थे। मगर परिवार के आंसू थम नहीं रहे थे।
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वह सुशीला इंटर कॉलेज में पढ़ती थी। उसके पिता शेर सिंह बागपत के रटौल में शिक्षक हैं। उसकी मौत से परिवार में कोहराम मचा है।
शेर सिंह ने बताया कि शनिवार रात वे पत्नी और बेटे के साथ बाजार गए थे। घर पर वर्षा अकेली थी। वह रिजल्ट को लेकर परेशान थी। हालांकि उसने उनसे कुछ नहीं कहा।
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वे बाजार से वापस लौटे तो वर्षा का शव कमरे में रोशनदान से लटका था, चुनरी का फंदा उसके गले में था। उसने सुसाइड नोट नहीं छोड़ा है, लेकिन उसने फेल होने केडर से ही यह कदम उठाया है।
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शेर सिंह ने बताया कि वे बागपत केही रहने वाले हैं। काफी सालों से गाजियाबाद में रह रहे हैं। उनके एक बेटी-बेटा और हैं। वर्षा दूसरे नंबर की थी। रविवार को पोस्टमार्टम के बाद उसका अंतिम संस्कार कर दिया गया।
रिजल्ट का जिक्र करते ही हो जाती थी उदास
वर्षा के परिजनों ने बताया कि वर्षा कई दिन से उदास सी थी। जब उससे इस बारे में पूछा जाता तो वह टाल जाती, लेकिन उन्होंने नोटिस किया कि जब भी उससे उसके रिजल्ट का जिक्र किया जाता था, वह उदास सी हो जाती थी। शायद उसे आभास हो गया था कि उसका रिजल्ट अच्छा नहीं आएगा।
सांत्वना देने वालों का लगा तांता
बेटी की मौत के बाद शेर सिंह के घर पर दिनभर लोगों का तांता लगा रहा। वे परिवार को ढांढस बंधा रहे थे। मगर परिवार के आंसू थम नहीं रहे थे।