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जेएनयू बवालः कैंपस छोड़ घर लौटने लगे विद्यार्थी, सेमेस्टर रजिस्ट्रेशन की तारीख 12 तक बढ़ी

Tue, 07 Jan 2020 07:01 AM IST
Vikas Kumar न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: Vikas Kumar Updated Tue, 07 Jan 2020 07:01 AM IST
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Students leave campus and return home after jnu violence
जेएनयू कैंपस छोड़ घर जाते छात्र-छात्राएं - फोटो : अमर उजाला

जेएनयू कैंपस में रविवार शाम हुए बवाल के बाद से ही विद्यार्थियों में दहशत है। रात से ही परिजन भी उनकी खैर-खबर लेने के लिए कॉल कर रहे हैं। कुछ अभिभावकों ने तो बच्चों को फौरन कैंपस छोड़कर घर लौटने को कह दिया है। सोमवार को कई छात्राएं हॉस्टल से अपना सामान लेकर घर लौटती दिखीं। उनका कहना था कि हिंसा करने वालों की पहचान कर पुलिस कार्रवाई करे। माहौल जब तक ठीक नहीं होगा, तब तक वे वापस नहीं लौटेंगी।

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जेएनयू कैंपस के बाहर सामान लेकर घर के लिए निकली हर्षिता ने बताया कि उनका परिवार झारखंड में रहता है। वे एमए लिंग्विस्टिक कर रही हैं। रविवार को हंगामा हुआ तो वह बुरी तरह डर गईं और फौरन परिजनों को कॉल की। परिवार ने उसे दिल्ली में ही रहने वाले रिश्तेदार के यहां जाने को कहा। 
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रात को वह दक्षिण दिल्ली चली गईं। परिवार के कहने पर वह फिलहाल हॉस्टल खाली कर घर लौट रही हैं। ग्वालियर की एशिता और लखनऊ की उन्नति भी नर्मदा हॉस्टल में ही रहती हैं। वे पीजी एनवायरमेंट कर रही हैं। वे भी परिजनों के कहने पर हॉस्टल छोड़कर घर लौट रही हैं। तीनों छात्राओं का कहना था कि देश की किसी भी तरह की हिंसा नहीं होनी चाहिए। 
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यूनिवर्सिटी प्रशासन और पुलिस कैंपस में शांति बहाल करें, ताकि यहां पढ़ाई हो सके। तीनों ने मांग की कि आरोपियों की पहचान कर उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई भी हो। उधर, कुछ छात्र भी कैंपस छोड़ते हुए दिखाई दिए।
 

पुलिस और रजिस्ट्रार को डीसीडब्ल्यू का समन

दिल्ली महिला आयोग (डीसीडब्ल्यू) ने जेएनयू हिंसा पर पुलिस के स्पेशल कमिश्नर (कानून-व्यवस्था) और जेएनयू रजिस्ट्रार को समन कर 8 जनवरी तक जवाब मांगा है। अध्यक्ष स्वाति मालीवाल ने छात्राओं से मारपीट पर चिंता जताते हुए पूछा है कि कैसे हिंसा करने वाले कैंपस में घुसे, किस पर एफआईआर हुई, कितने गिरफ्तार हुए? साथ ही, 5 जनवरी से 6 जनवरी सुबह 7 बजे तक की सीसीटीवी फुटेज भी देने को कहा है।

स्वाति मालीवाल ने कहा कि छात्राओं से मारपीट चिंता का विषय है। जेएनयू हिंसा में दिल्ली पुलिस और विश्वविद्यालय के कुलपति की भूमिका पर भी सवाल उठ रहे हैं। जिस तरह जेएनयू परिसर में हिंसा हुई, वह पूरे देश को हैरान करने वाली घटना है।  आयोग ने रजिस्ट्रार से भारी संख्या में पुलिस बल तैनात होने के बावजूद भीड़ को कैंपस में जाने देने, कैंपस में स्ट्रीट लाइट बंद करने, आरोपियों की पहचान, उन्हें सजा देने के लिए उठाए गए कदमों की जानकारी मांगी है। पुलिस से पूछा है कि किन कारणों से एंबुलेस व मीडियाकर्मियों को कैंपस में प्रवेश नहीं करने दिया गया और किन कारणों से भीड़ को अंदर आने से नहीं रोका गया।

जेएनयू ने विंटर सेमेस्टर में रजिस्ट्रेशन की तारीख 12 तक बढ़ी

जवाहर लाल नेहरू विश्वविद्यालय प्रशासन ने विंटर सेमेस्टर रजिस्ट्रेशन की तिथि 12 जनवरी तक बढ़ा दी है। इससे पहले रजिस्ट्रेशन की आखरी तारीख पांच जनवरी थी। विश्वविद्यालय प्रशासन का कहना है कि छात्रों ने आईटी रूप पर कब्जा करके सर्वर रूम और बिजली सप्लाई बंद कर दी थी। सर्वर रूम के तार टूटने के चलते रजिस्ट्रेशन का काम प्रभावित हुआ है।

जेएनयू रजिस्ट्रार प्रो. प्रमोद कुमार की ओर से सोमवार को छात्रों के नाम पत्र लिखा गया है। इसमें रजिस्ट्रार ने लिखा है कि इंफोरमेशन एंड कम्यूनिकेशन सर्विस रूम में छात्रों ने कब्जा कर लिया था। गुस्साए छात्रों ने सर्वर रूम के साथ-साथ बिजल सप्लाई भी बंद कर दी थी। इसके अलावा सर्वर रूम की तारों को भी नुकसान पहुंचाया। दो दिन तक इंजीनियर सर्वर रूम व बिजली सप्लाई को ठीक करने में लगे रहे। इसके चलते विंटर सेमेस्टर रजिस्ट्रेशन का काम प्रभावित हुआ था। इसलिये रजिस्ट्रेशन की तारीख आगे बढ़ाई गई है।

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