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डीयूः रातोरात हटाई गईं सावरकर, भगत सिंह और सुभाष चंद्र बोस की मूर्तियां
Sun, 25 Aug 2019 06:31 AM IST
दुष्यंत शर्मा
अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली
अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली
Published by: दुष्यंत शर्मा
Updated Sun, 25 Aug 2019 06:31 AM IST
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विवादित प्रतिमा
- फोटो : अमर उजाला
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अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) के नेतृत्व वाले दिल्ली विश्वविद्यालय छात्रसंघ (डूसू) ने सावरकर, भगत सिंह और सुभाष चंद्र बोस की प्रतिमाओं को रातोरात परिसर से हटा दिया है।
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डूसू ने शुक्रवार रात तीन बजे इन्हें बिना नुकसान पहुंचाए हटाकर सुरक्षित स्थान पर रख दिया है। एबीवीपी का कहना है कि प्रशासन की अनुमति और प्रतिमा लगाने की प्रक्रिया का पालन करते हुए डूसू चुनाव के बाद इन्हें फिर से स्थापित किया जाएगा।
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दिल्ली विश्वविद्यालय में आर्ट्स फैकल्टी के बाहर डूसू अध्यक्ष शक्ति सिंह ने प्रशासन की अनुमति के बिना 20 अगस्त को एक पिलर पर तीनों प्रतिमाओं को स्थापित कर दिया था। इन्हें लगाए जाने के बाद से कैंपस में विवाद गहराया हुआ था।
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एबीवीपी के प्रदेश मंत्री सिद्धार्थ यादव ने कहा कि हमने शुक्रवार आधी रात के बाद वीर सावरकर, भगत सिंह तथा सुभाष चंद्र बोस की मूर्तियों को दिल्ली विश्वविद्यालय प्रशासन की अनुमति मिलने तक हटा दिया है। एबीवीपी नहीं चाहती कि स्वतंत्रता सेनानियों के नाम पर राजनीति हो।
एबीवीपी ने दावा किया कि डीयू प्रशासन ने उन्हें आश्वासन दिया है कि डूसू चुनाव के बाद इन मूर्तियों की पुनर्स्थापना अनुमति मिलने के बाद प्रक्रिया के तहत कर दी जाएगी।
मूर्तियां लगाने के बाद से कैंपस में तनाव की आशंका के मद्देनजर डीयू प्रशासन ने शक्ति सिंह को यह मूर्तियां हटानेे को कहा था। कड़ी कार्यवाही न करते हुए प्रशासन मूर्तियों के हटने का इंतजार कर रहा था।
मूर्तियां हटाए जाने के बाद एबीवीपी ने मूर्तियों के अपमान (एनएसयूआई द्वारा सावरकर की मूर्ति पर कालिख पोतने) में शामिल व्यक्तियों पर कड़ी कानूनी कार्रवाई की मांग की है।
प्रशासन ने धोखे से मूर्तियों को हटाया : शक्ति सिंह
दिल्ली विश्वविद्यालय में मूर्ति विवाद में अब एक नया मोड़ आ गया है। जहां एबीवीपी ने शुक्रवार देर रात मूर्तियां हटाए जाने की बात कही, वहीं डूसू अध्यक्ष रहे शक्ति सिंह ने प्रशासन पर धोखे से मूर्तियां हटाने का आरोप लगाया है। शक्ति के इस बयान से एबीवीपी ने किनारा कर लिया है। एबीवीपी का कहना है कि यह शक्ति का अपना बयान है और एबीवीपी इससे इत्तफाक नहीं रखती। इस तरह से अब एबीवीपी और शक्ति सिंह आमने-सामने आ गए हैं।
एनएसयूआई ने मूर्तियां हटाने का किया स्वागत
छात्र संगठन एनएसयूआई ने दिल्ली विश्वविद्यालय परिसर से मूर्तियां हटाने का स्वागत किया है। एनएसयूआई ने बयान जारी कर कहा कि वह राष्ट्रीय स्तर व दिल्ली विश्वविद्यालय स्तर पर छात्रों से जुड़े मुद्दों को उठाती रहेगी। मालूम हो कि एनएसयूआई के डूसू सचिव रहे आकाश चौधरी ने मौरिस नगर थानेे में शिकायत देकर मूर्तियां लगने को अवैध बताकर उन्हें हटाने की मांग की थी।
उधर, आइसा ने कहा कि सावरकर एबीवीपी कार्यालय में स्थान पा सकते हैं, लेकिन हमारे डीयू में उनके लिए कोई स्थान नहीं है। डीयू के शिक्षकों व छात्रों के विरोध के बाद ही रात में मूर्तियों को हटा लिया गया।