सोमवार से विधानसभा का विशेष सत्र, सरकार को घेरने के लिए भाजपा ने कसी कमर
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दिल्ली विधानसभा का सत्र सोमवार से शुरू होने जा रहा है। विशेष सत्र में दिल्ली सरकार कई बिल लाएगी। इसमें विलासिता कर बढ़ाने के अलावा अंबेडकर विश्वविद्यालय के नाम के आगे से भारत रत्न हटाने से संबधित बिल भी सदन में पेश होगा।
वहीं, प्रश्नकाल में विभिन्न मुद्दों पर चर्चा की जाएगी। दिल्ली सरकार के एक अधिकारी ने बताया कि 22 से 26 अगस्त तक के बीच सभी दिन प्रश्नकाल में नियम 280 के तहत सवाल किये जा सकेंगे।
वहीं, दिल्ली के अंबेडकर विश्वविद्यालय के नाम के आगे से भारत रत्न हटाने का बिल पेश होगा। इसकी वजह यह है कि सुप्रीम कोर्ट ने अपने एक आदेश में कहा है कि भारत रत्न, पद्मश्री, पद्मभूषण जैसे सम्मानों की मार्केटिंग नहीं की जा सकती।
दूसरी ओर, विशेष सत्र में हंगामा होने की भी संभावना है। दिल्ली में उपराज्यपाल और दिल्ली सरकार के अधिकारों के बीच आए हाईकोर्ट के फैसले के बाद यह पहला सत्र है।
इसमें विपक्ष की कोशिश सरकार को घेरने की होगी। वहीं, दिल्ली सरकार उपराज्यपाल से अधिकारियों को सीधे मिल रहे निर्देश का मसला उठाएगी।
भाजपा ने सरकार को घेरने के लिए 40 मुद्दे तैयार किए
22 अगस्त से शुरू हो रहे विधानसभा सत्र में भाजपा ने दिल्ली सरकार को घेरने की पूरी तैयारी कर ली है। भाजपा विधायक 40 मुद्दे उठाकर उन पर चर्चा कराने का प्रयास करेंगे।
इन मुद्दों पर सरकार से जवाब मांगा जाएगा। इसके चलते विधानसभा सत्र हंगामेदार रहने की संभावना है। विधानसभा स्थित अपने कक्ष में संवाददाता सम्मेलन में विजेंद्र गुप्ता ने कहा कि विस सत्र में भाजपा ध्यानाकर्षण प्रस्ताव लेकर आएगी।
इसमें उपराज्यपाल की अनुमति लिए बिना विस में पास किए गए प्रस्तावों को दोबारा लाने की मांग की जाएगी। क्योंकि हाईकोर्ट के फैसले के बाद स्पष्ट हो चुका है कि दिल्ली में शक्ति का केंद्र उपराज्यपाल हैं।
उनकी अनुमति के बिना कोई बिल पास करना सही नहीं है। गुप्ता ने बताया कि उपराज्यपाल की इजाजत के बिना विदेश यात्रा पर गए दिल्ली सरकार के मंत्रियों को यात्रा का खर्च देने की भी मांग की जाएगी।
जनसमस्याओं के साथ उठाए जाएंगे ये मुद्दे
इसी तरह दिल्ली सरकार की शराब नीति का भी मुद्दा उठाया जाएगा। टैंकर मामले में हुए भ्रष्टाचार के साथ-साथ विधायक ओपी शर्मा को निलंबित करने का भी उठाएंगे।
इसी तरह सरकार के असंवैधानिक कार्यों, झूठ के पुलिंदों और अनधिकृत कार्यों का भी पर्दाफाश किया जाएगा। इसके अलावा मुख्यमंत्री की राजनीतिक महत्वाकांक्षाओं के चलते दिल्ली का प्रशासन ठप होने पर विपक्ष सरकार को सदन में घेरेगा। साथ ही जनसमस्याओं से संबंधी मुद्दे भी उठाए जाएंगे। इसके लिए विधान सभा के सचिव को नोटिस दिया जा चुका है।
यह मुद्दे भी उठाए जाएंगे
- अनधिकृत कॉलोनियों के निवासियों के नारकीय जीवन जीने पर मजबूर होने
- दिल्ली महिला आयोग द्वारा कर्तव्यों को सही से नहीं निभाने और नियमानुसार नियुक्ति नहीं करने
-यमुना नदी में गिरते नालों के कारण प्रदूषण व उचित सफाई न होने
- आम आदमी कैंटीन और नए स्कूल व कॉलेज न खोले जाने
- मोहल्ला क्लीनिकों के लिए सरकारी डिस्पेंसरियों से फार्मासिस्टों को अतिरिक्त कार्य सौंपने के कारण डिस्पेंसरियों में फैली अव्यवस्था
- प्राइवेट वकीलों की भारी फीस दिल्ली सरकार में नियुक्ति और एक ही मामले में कई कई वकील नियुक्त करने
- दिव्यांगों के लिए नौकरियों में तीन प्रतिशत आरक्षण की व्यवस्था न करने
- दो लाख सार्वजनिक शौचालयों के निर्माण का कार्य शुरू न होना,
- सभी कार्यालयों में सिटीजन चार्टर स्थापित नहीं करना
- प्रमुख नालों की सफाई न होने के कारण बरसात के दौरान भारी जलभराव होना