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सपा नेताओं को ‘लाल बत्ती’ की आस
एसएस अवस्थी/अमर उजाला, नोएडा
Updated Thu, 27 Nov 2014 12:24 AM IST
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लोकसभा चुनाव में सपा को मिली करारी हार का घाव अभी भरा नहीं है। विभिन्न विभागों के पदों पर लाल बत्ती देकर बिठाए गए पार्टी नेताओं को झटके से उतारने के बाद अभी तक उन्हें लाल बत्ती नसीब नहीं हुई है। लेकिन सूत्र बताते हैं कि अब फिर से ‘कृपापात्र पद’ बांटने की तैयारी चल रही है। सब कुछ ठीक रहा तो गौतमबुद्ध नगर जिले से भी कुछ नाम शामिल हो सकते हैं।
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दरअसल, 2012 में जब प्रदेश में सपा सरकार बनी थी तो जिन नेताओं ने कड़ी मेहनत की थी उन्हें किसी विभाग या प्रकोष्ठ में पद देकर लाल बत्तियां बांटी गई थीं। हालांकि गौतमबुद्ध नगर से सपा का एक भी विधायक नहीं चुना जा सका था।
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लेकिन सपा मुखिया मुलायम सिंह यादव से अच्छे ताल्लुकात होने के चलते तीन बार विधायक रह चुके नरेंद्र सिंह भाटी को यूपी एग्रो का चेयरमैन बनाकर लाल बत्ती दी गई थी। मगर जब लोकसभा चुनाव में पार्टी को बुरी तरह हार का सामना करना पड़ा तो नरेंद्र भाटी समेत प्रदेश भरके कृपापात्र मंत्रियों से लाल बत्ती छीन ली गई थी।
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लाभ न मिला तो बढ़ेगी निराशा
पार्टी के सूत्र बताते हैं कि कर्मठ कार्यकर्ताओं ने प्रदेश हाईकमान से कहा है कि अभी पद का लाभ न मिला तो सपा के वफादार कार्यकर्ताओं में निराशा बढ़ेगी। तर्क दिया कि मोदी लहर के चलते दिग्गज भी धराशायी हो गए थे। पिछले दिनों प्रदेश हाईकमान ने माना कि कार्यकर्ताओं में जोश लाने के लिए उन्हें ‘पुरस्कार’ तो देना ही पड़ेगा।
उपचुनाव में बढ़ा उत्साह
हाल ही में संपन्न हुए विधानसभा के उपचुनाव में सपा को बड़ी सफलता मिली थी। पार्टी हाईकमान मान रही है कि 2017 के विधानसभा चुनावों में भी कामयाबी के लिए कार्यकर्ताओं का उत्साह बढ़ाना जरूरी है। संकेत दिया गया है कि जो भी कार्यकर्ता जनता के बीच जाकर पार्टी द्वारा किए गए विकास कार्यों को पहुंचाएगा और लोगों की समस्याएं सुनकर उनका निस्तारण करेगा, वो लाल बत्ती का हकदार हो सकता है।
कड़ी मेहनत की जरूरत
राजनीतिक जानकार प्रो. वी कुमार का कहना है कि गौतमबुद्ध नगर में सपा को पैर जमाने के लिए कड़ी मेहनत करनी होगी। डेढ़ दशक के चुनावों पर नजर डालें तो स्थिति अच्छी नहीं रही है। पहली बार जब गौतमबुद्ध नगर लोकसभा सीट बनी थी तो बसपा को जीत मिली थी। इसके बाद दादरी और जेवर में तो पिछले दो चुनावों से विधायक भी बसपा से ही हैं। नोएडा से भाजपा की विधायक हैं। ऐसे में जिले में सपा को पैठ बनाने से लिए बिना भेदभाव के काम करना होगा।