स्मृति ईरानी के शिक्षा संबंधी मामले में दिल्ली विश्वविद्यालय ने पेश किए दस्तावेज
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अदालत ने दिल्ली चुनाव आयोग को वह दस्तावेज पेश करने का निर्देश दिया है जो पूर्व केंद्रीय मानव संसाधन विकास मंत्री स्मृति ईरानी ने चुनावी हलफनामे में संलग्न किये थे।
अदालत ने शिकायत पर सुनवाई के लिये 23 जुलाई की तारीख तय की है। कपड़ा मंत्री स्मृति ईरानी पर आरोप है कि उन्होंने चुनावी हलफनामे में अपनी शिक्षा के संबंध में गलत जानकारी दी थी।
पटियाला हाउस अदालत के महानगर दंडाधिकारी हरविंदर सिंह के समक्ष आयोग के एक अधिकारी ने पेश होकर बताया कि स्मृति ईरानी ने जो हलफनामा 2004 में जमा किया था उसका रिकार्ड नहीं मिल रहा है।
अदालत ने इसके बाद दोबारा दिल्ली चुनाव आयोग को रिकार्ड पेश करने का निर्देश दिया है। स्मृति ईरानी द्वारा चुनावी हलफनामे में संलग्न दस्तावेज पेश करने का निर्देश दिल्ली चुनाव आयोग को दिया है।
केंद्रीय मंत्री पर चुनावी हलफनामें गलत जानकारी देने का आरोप
केंद्रीय मंत्री पर आरोप है कि उन्होंने 2004, 2011 व 2014 के चुनावी हलफनामों में अपनी शिक्षा के बारे में गलत व भ्रामक जानकारी दी थी। इस बाबत स्वतंत्र पत्रकार अहमर खान ने कोर्ट में शिकायत दायर की है।
मामले की सुनवाई के दौरान दिल्ली विश्वविद्यालय के एक अधिकारी ने ईरानी की शिक्षा संबंधी दस्तावेज कोर्ट में पेश किए। इसके अलावा गुजरात व उत्तरप्रदेश चुनाव आयोग अधिकारियों ने ईरानी के चुनावी हलफनामे कोर्ट में पेश किए। शिकायतकर्ता ने ईरानी के खिलाफ कार्रवाई की मांग करते हुए कहा है कि उन्होंने हलफनामे में अपनी शिक्षा के संबंध में गलत जानकारी दी है।
कोर्ट में शिकायतकर्ता के वकील केके मनन व अंजलि राजपूत ने बहस करते हुए कहा कि ईरानी ने 2004 चांदनी चौक सीट के लिए दिए गए चुनावी हलफनामे में खुद को 1996 में दिल्ली यूनिवर्सिटी के स्कूल ऑफ कोरेसपोंडेंस से बीए स्नातक बताया था।
वहीं दूसरी बार उन्होंने 2014 में अमेठी लोकसभा सीट के चुनावी हलफनामे में कहा कि दिल्ली यूनिवर्सिटी के स्कूल ऑफ ओपन लर्निंग से 1994 में बी.कॉम पार्ट एक किया था।