फिर बिगड़ने लगी वायु गुणवत्ता, दिल्ली-एनसीआर में तीन दिन बाद और बिगड़ेंगे हालात
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दिल्ली-एनसीआर में वायु गुणवत्ता बेहद खराब स्थिति में कायम है। तापमान में गिरावट और हवाओं की गति मंद पड़ने और वायुमंडलीय मिश्रित परत के सतह के करीब आ जाने से प्रदूषक तत्वों को फैलने का मौका नहीं मिल रहा है।
स्थानीय प्रदूषण स्रोतों पर रोक हटाए जाने के बाद से दिल्ली-एनसीआर की हवा में प्रदूषण का स्तर खराब से बहुत खराब श्रेणी के बीच ही बना हुआ है। अक्तूबर के बाद से नवंबर माह के अंत तक बेहतर गुणवत्ता वाली हवा का लोगों को इंतजार है। गाजियाबाद में फिर से गंभीर श्रेणी की हवा गुणवत्ता रिकॉर्ड की जा रही है।
सिस्टम ऑफ एयर क्वालिटी एंड वेदर फोरकास्टिंग रिसर्च (सफर) का अनुमान है कि अगले तीन दिन बाद दिल्ली में हवा की गुणवत्ता और ज्यादा बिगड़ सकती है। खासतौर से पर्टिकुलेट मैटर 2.5 और 10 का स्तर 5 से 6 गुना ज्यादा रिकॉर्ड किया जा सकता है।
केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) के वैज्ञानिक डॉ डी साहा ने बताया कि लगातार हवा की गुणवत्ता पर निगरानी रखी जा रही है। गंभीर या आपात स्थिति जैसे हालात नहीं हैं। हालांकि वायु गुणवत्ता खराब से बहुत खराबो श्रेणी के बीच झूल रही है।
यह मौसम में हो रहे बदलाव के कारण हो रहा है। वहीं सेंटर फॉर साइंस एंड एनवॉयरमेंट (सीएसई) के रिसर्चर उस्मानी नसीब ने बताया कि अब भी उत्तरी-पश्चिमी हवाओं का असर दिल्ली पर पड़ रहा है।
वहीं नासा की सेटेलाइट इमेज बीते चार दिनों से पंजाब-हरियाणा-यूपी और दिल्ली में भी आग जलाने की घटनाओं का ब्यौरा दे रही हैं। बाहरी प्रदूषण भी दिल्ली को प्रभावित कर रहा है।
दिल्ली-एनसीआर में वाहनों की संख्या पर अभी कोई पाबंदी नहीं है। निर्माण कार्य ने एक बार फिर रफ्तार पकड़ ली है। औद्योगिक गतिविधियां भी शुरू हो गईं हैं। इसकी वजह से भी प्रदूषण में कमी नहीं हो रही है।
रविवार को बीते 24 घंटों के आधार पर केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) की ओर से जारी वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) बोर्ड पर दिल्ली-एनसीआर में सबसे ज्यादा वायु प्रदूषित जगह गाजियाबाद और राजस्थान के भिवाड़ी व कानपुर रही।
यह औद्योगिक क्षेत्र हैं। हालांकि तीनों जगह रिहायश भी मौजूद है। एक्यूआई के मुताबिक इन तीनो जगहों पर हवा की गुणवत्ता गंभीर श्रेणी में चली गई है। वहीं दिल्ली, नोएडा, गुरुग्राम, फरीदाबाद की हवा गुणवत्ता बहुत खराब स्तर पर रिकॉर्ड की गई।
वाराणसी में हवा की गुणवत्ता सबसे बेहतर
जबकि शनिवार को ही वाराणसी का एक्यूआई 337 (बहुत खराब) रिकॉर्ड किया गया था। विशेषज्ञ 44 एक्यूआई की माप को सही नहीं मान रहे हैं। एक ही दिन में एक्यूआई के आंकड़े में इतना बड़ा अंतर संभव नहीं है।
सीपीसीबी के अनुसार शहरों का वायु गुणवत्ता सूचकांक
शहर एक्यूआई
दिल्ली 352
नोएडा 387
गाजियाबाद 449
लखनऊ 362
कानपुर 419
फरीदाबाद 327
गुरुग्राम 307
रोहतक 306
भिवाड़ी 408
नोट : सीपीसीबी के यह आंकड़े हवा की सेहत को बताते हैं। इन्हें एक्यूआई की विभिन्न श्रेणियों के तहत समझा जाता है। एक्यूआई यदि 301 से 400 के बीच हो तो हवा बहुत खराब और यदि एक्यूआई 401 से 500 के बीच हो तो यह आंकड़ा गंभीर स्थिति को बताता है। सभी आंकड़े शाम 4 बजे तक बीते 24 घंटों की औसत स्थिति बताते हैं।