फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Delhi NCR ›   Noida News ›   Slowly roadside religious site legal

आस्था के नाम पर प्रशासन चुप, धीरे-धीरे ‘वैध’ हो रहे हैं अवैध धार्मिक स्थल

Sun, 12 Jun 2016 12:53 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, नोएडा
ब्यूरो/अमर उजाला, नोएडा Updated Sun, 12 Jun 2016 12:53 AM IST
विज्ञापन
Slowly roadside religious site legal
सड़क किनारे बने मंदिर - फोटो : अमर उजाला

लखनऊ हाईकोर्ट की खंडपीठ ने कहा है कि ‘सारे अवैध धार्मिक स्थल तुरंत हटाओ’ वहीं नोएडा जैसे शहर में हर सड़क, गली व मोहल्ले में अवैध धार्मिक स्थल मिल जाएंगे। इनको स्थापित करने के लिए लोग सरकारी भूमि का इस्तेमाल करते हैं।

विज्ञापन


प्रशासन को तब जानकारी होती है, जब विवाद बढ़ जाता है। माना जा रहा है कि शहर में करीब 90 ऐसे धार्मिक स्थल हैं, जो अतिक्रमण करके बनाए गए हैं। आस्था की बात कहकर प्रशासन भी चुप हो जाता है। वहीं अब हालात ये हो रहे हैं कि धीरे-धीरे ऐसे धार्मिक स्थल वैध होते जा रहे हैं।
विज्ञापन


लोगों का मानना है कि बेशकीमती जमीन पर कब्जा करने का एक तरीका अवैध धार्मिक स्थल भी बनाना होता है। सबसे बड़ी दिक्कत यह होती है कि जैसे ही कहीं सड़क के किनारे या बीच में कोई धार्मिक स्थल बन जाता है तो यातायात की सबसे बड़ी परेशानी होती है।

विज्ञापन
विज्ञापन

आवासीय सेक्टर भी धार्मिक स्थलों से पटा पड़ा है

Slowly roadside religious site legal
सड़क किनारे बने मंदिर - फोटो : अमर उजाला

नोएडा के औद्योगिक सेक्टर-2, 3, 4, 5, 6, 7, 10, 58, 57, 62, 63, 64, 65 समेत ऐसा कोई सेक्टर नहीं है, जहां पर सड़क के किनारे या पार्क के आसपासकोई न कोई धार्मिक स्थल बना न हो।

पुलिस और प्रशासन भी इस ओर ध्यान नहीं देता है। इसी तरह शहर के आवासीय सेक्टर भी धार्मिक स्थलों से पटा पड़ा है। जहां भी कोना देखा, झंडा और ईंट जोड़कर वहीं स्थल बन जाता है। नए सेक्टरों में भी यही स्थिति है।

गांव के किनारे भी लोग जमीन बचाने के लिए धार्मिक स्थल का ही सराहा लेते हैं। इतना ही नहीं, कई धार्मिक स्थल तो लोगों ने शहर के गंदे नालों के पास बना लिए हैं। वहां हर रोज आने-जाने वालों की भीड़ लगी रहती है।

कोर्ट ने तय कर दी है जिम्मेदारी

Slowly roadside religious site legal

कोर्ट ने साफ कहा है कि अगर 10 जून, 2016 के बाद कहीं भी अतिक्रमण करके धार्मिक स्थल बनाया गया तो उसके लिए प्रशासन और पुलिस की सीधे निजी जिम्मेदारी होगी।

दरअसल, लोगों की भावनाओं के साथ खेलकर अतिक्रमण करके जहां भी कोई धार्मिक स्थल बनाया जाता है तो वहां की कमाई पर सबकी नजर रहती है। पिछले दिनों सेक्टर-82 में एक धार्मिक स्थल की कमाई को लेकर विवाद हुआ था। आए दिन सेक्टरों में इस तरह की बातें सुनने को मिलती रहती हैं।

शनिवार को अधिकारियों की बैठक बुलाकर सभी को निर्देशित किया गया है कि किसी भी स्थान पर यदि अतिक्रमण करके धार्मिक स्थल का निर्माण किया जाता है तो उसे तुरंत हटाया जाए। धार्मिक स्थल को लेकर हाईकोर्ट और सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों का पालन करने के निर्देश दिए गए हैं।
- एनपी सिंह, जिलाधिकारी

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed