फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Delhi ›   Delhi NCR News ›   Sleep broken by smoke, scream and noise everywhere fire in delhi

हर ओर धुआं, चीख और शोरगुल से टूटी नींद, फज्र की अजान के वक्त हुआ हादसा

Mon, 09 Dec 2019 05:41 AM IST
दुष्यंत शर्मा शुजात आलम, नई दिल्ली
शुजात आलम, नई दिल्ली Published by: दुष्यंत शर्मा Updated Mon, 09 Dec 2019 05:41 AM IST
विज्ञापन
Sleep broken by smoke, scream and noise everywhere fire in delhi
हादसे के बाद - फोटो : अमर उजाला

तड़के करीब 4.55 बजे थे, अचानक अनाज मंडी के फाटक में मौजूद चार मंजिला फैक्टरी से धुआं उठने लगा। शोर-शराबा हुआ तो पड़ोसियों ने बाहर निकलकर देखा। पास ही स्थित फैक्टरी की दूसरी मंजिल से धुआं निकल रहा था। 

विज्ञापन


इस बीच लोगों के चीखने-चिल्लाने की आवाजें आने लगी। कुछ लोग बचाने की गुहार लगाकर रोने भी लगे। सामने वाली बिल्डिंग में रहने वाले पड़ोसियों ने पहले खुद ही पाइप और बाल्टी से पानी डालकर आग पर काबू पाने का प्रयास किया, लेकिन देखते ही देखते आग ऊपर और नीचे की ओर फैलने लगी। 
विज्ञापन


आग पर काबू पाने के प्रयास असफल हुए तो सूचना पुलिस व दमकल विभाग को दी गई। शुरुआत में चार ही गाड़ियों को भेजा गया, लेकिन बाद में संख्या बढ़ा दी गई।

शोर-शराबे के बीच आसपास के लोग घटना स्थल पर इकट्ठा होने लगे। आग वाली इमारत रानी झांसी रोड से करीब 150 मीटर दूर थी। लोगों की भारी भीड़ वहां जुट गई। 

हादसे की सूचना मिलते ही वरिष्ठ पुलिस अधिकारी मौके पर पहुंच गए। पुलिस फोर्स बुलाकर लोगों को घटनास्थल के पास जाने से रोक दिया गया। भीषण हादसे की जानकारी मिलते ही मीडिया कर्मियों व अन्य इलाकों के लोगों को भी भीड़ वहां बढ़ती चली गई। उधर घटना स्थन पर मौजूद पड़ोसी खुद ही बिल्डिंग में फंसे लोगों को बचाने का प्रयास करने लगे।
विज्ञापन
विज्ञापन


पड़ोसी अर्जुन कुमार ने बताया कि 600 गज की इमारत में अंदर जाने के लिए दो ही गेट व जीने थे। पूरी बिल्डिंग को तीन लंबे-लंबे टुकड़ों में बांटा गया था। ऊपरी मंजिलों पर बड़े-बड़े हॉल बनाकर वहां मजदूर काम करते थे और सोते थे। 

यहां स्कूल बैग, लेडीज पर्स, जूट के बैग व प्लास्टिक का सामान बनता था। शुरुआत में आग फैक्टरी मालिक रेहान के बीच वाले हिस्से में लगी थी, लेकिन उसने इमरान वाले हिस्से को भी अपनी चपेट में ले लिया। पड़ोसियों का दावा है कि हादसे के समय बिल्डिंग का ताला बाहर  से लगा हुआ था। इसकी वजह से लोग बाहर नही आ पाए और न ही लोग उनकी मदद ही कर पाए।

हादसे के बाद किसी तरह पड़ोसियों ने मेन गेट का दरवाजा तोड़ा, इसके अलावा दमकल कर्मियों ने ऊपरी मंजिल पर बने जीने के दरवाजे को तोड़ा। बाद में ऑक्सीजन सिलेंडर और मॉस्क पहनकर बिल्डिंग में अंदर दाखिल हुआ जा सका। 


किसी तरह आग पर काबू पाने के बाद 6.30 बजे दमकल कर्मियों, पुलिस व पड़ोसियों ने घायलों को कंधों पर डालकर बाहर निकलना शुरू किया। 

एक अन्य पड़ोसी जाकिर हुसैन ने बताया कि सुबह चार बजे तक फैक्टरी में मजदूरों ने काम किया था। रात के समय यहां प्लास्टिक का बहुत सारा माल भी उतरा था। तड़के 4.30 बजे मजदूर सोए थे। इसके बाद ही आग लगी। 

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed