कमजोर पिलर से झुकी छह मंजिला इमारत सील, खाली कराई गई तीन और बिल्डिंगें
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ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण ने शनिवार को शाहबेरी गांव में छह मंजिला इमारत को सील कर दिया। पिलर कमजोर होने के कारण इमारत जेपी हाइट्स की बिल्डिंग एक ओर झुक गई है। इमारत के कभी भी गिरने की आशंका जताई जा रही है। सील करने से पहले बिल्डिंग के एक फ्लैट में रह रहे परिवार और एक मजदूर के परिवार को बाहर निकाला गया। वहीं शाम को पुलिस ने आसपास की तीन और बिल्डिंगों को भी खाली करा दिया है। इन तीनों बिल्डिंग में कुल 35 परिवार रह रहे थे।
शाहबेरी में मंगलवार रात को हुए हादसे के बाद से क्षेत्र की अन्य बिल्डिंगों के निर्माण की गुणवत्ता पर भी सवाल उठने लगे थे। इस बीच कुछ लोगों ने जेपी हाइट्स बिल्डिंग की प्रशासन और प्राधिकरण से शिकायत की। बिल्डिंग के पिलर में दरार आ गई है। कई पिलर झुक गए हैं। जिनको मजबूती देने के लिए लोहे की चादर से सपोर्ट दिया गया है। बेसमेंट में भी पिलर की हालत काफी बेकार है।
इस कारण यह बिल्डिंग हल्की झुक गई है। बिल्डिंग के कभी भी गिरने की आशंका है। शनिवार को प्राधिकरण की टीम मौके पर पहुंची। बिल्डिंग में एक फ्लैट खरीदार जितेंद्र अपने परिवार व भाई वीरेंद्र के साथ रह रहे थे। जबकि, एक मजदूर परिवार नीचे रहता था। प्राधिकरण ने पुलिस की मदद से दोनों परिवार को बाहर निकाला। फ्लैट मालिक को घर खाली करने का नोटिस भी दिया गया है। खाली होने के बाद प्राधिकरण ने बिल्डिंग को सील कर दिया है।
वहीं पूरे दिन बारिश की वजह से सील की गई जेपी हाइट्स बिल्डिंग के बेसमेंट में पानी भर गया। जिससे बिल्डिंग के गिरने का खतरा बढ़ गया। इसे देखते हुए बिसरख पुलिस मौके ने आसपास की तीन बिल्डिंगों को खाली कराया लिया। पुलिस ने आसपास की जीके होम्स वन, सिद्धार्थ अपार्टमेंट बिल्डिंग को खाली कराया है। यहां करीब 30 परिवार रह रहे थे। जबकि, एक दो मंजिला मकान को भी खाली कराया है। आशंका जताई जा रही है कि अगर जेपी हाइट्स बिल्डिंग गिरी तो आसपास की बिल्डिंग भी चपेट में आ सकती हैं।
एक मंजिल पर है सात फ्लैट
जेपी हाइट्स बिल्डिंग छह मंजिला है। एक मंजिल पर सात फ्लैट हैं। कुल 42 फ्लैट में से करीब 10 बिक चुके हैं। एक खरीदार जितेंद्र ने फ्लैट में रहना भी शुरू कर दिया था। जबकि त्रिपाठी परिवार 20 जुलाई को शिफ्ट होने वाला था। इस दौरान शाहबेरी में हादसा हो गया। जिसके बाद त्रिपाठी परिवार यहां शिफ्ट नहीं हुआ।
एक घंटे में खाली करने के आदेश से गरमाया माहौल
जेपी हाइट्स के पास स्थिति सिद्धार्थ अपार्टमेंट और जीके होम्स वन में रहने वाले करीब 30 परिवार अपने-अपने फ्लैट में थे। शाम को पुलिस वहां पहुंची और एक घंटे में फ्लैट खाली करने का आदेश दिया। यह सुनकर सभी परिवार चौंक गए और इसका विरोध किया। इससे माहौल गरमा गया। बाद में पुलिस ने बिल्डिंग गिरने का खतरा बताकर लोगों को किसी तरह समझाया।
बारिश के बाद हुआ जलभराव
तेज बारिश के कारण बिल्डिंगों के आसपास पानी जलभराव हो गया है। दरअसल, जिस जगह पर इन इमारतों को बनाया गया है, वहां पानी निकासी की कोई व्यवस्था नहीं है। इस कारण सड़कों पर पानी जलभराव हो गया है। लगातार बारिश से सील की गई जेपी हाइट्स बिल्डिंग के बेसमेंट में पानी भर गया है।
पुलिस ने एक घंटे में मकान खाली करने का आदेश दिया। तेज बारिश के बीच मकान खाली करना मुश्किल था। अपना घर छोड़कर किराये का घर तलाश करने में समय लगता है। पुलिस ने कोई डेडलाइन भी नहीं दी कि कब तक जेपी हाइट्स बिल्डिंग को गिरा दिया जाएगा। - अभिनव खेर, निवासी सिद्धार्थ अपार्टमेंट ।
चानक घर खाली करने का आदेश समझ नहीं आया। अगर इतनी जल्दी थी तो पुलिस प्रशासन को कोई विकल्प तो देना चाहिए था या फिर शिफ्ट होने का कुछ समय दिया जाता। - वेद मिश्रा, निवासी सिद्धार्थ अपार्टमेंट ।