जेएनयू हिंसाः एसआईटी ने सर्वर के डाटा को एफएसएल जांच के लिए भेजा
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जेएनयू हिंसा की जांच कर रही क्राइम ब्रांच की एसआईटी ने साक्ष्य जुटाने के लिए सर्वर के डाटा को एफएसएल में जांच के लिए भेज दिया है। इस डाटा से हिंसा में शामिल कई नए नाम सामने आ सकते हैं। उपद्रवियों ने साक्ष्य मिटाने के लिए डाटा सर्वर रूम को भी क्षतिग्रस्त कर दिया था। वहीं पुुलिस घटना में शामिल संदिग्धों को नोटिस भेजकर लगातार उनके बयान दर्ज कर रही है। पुलिस सूत्रों के मुताबिक, ज्यादातर लोग खुद को फंसाने का आरोप लगाकर हिंसा में शामिल न होने का दावा कर रहे हैं।
जेएनयू में सर्वर रूम का डाटा बरामद होने के बाद पुलिस को उपद्रवियों की पहचान में आसानी होगी। इसीलिए एफएसएल की मदद ली जा रही है। पुलिस घटना में घायल लोगों के बयान भी दर्ज कर रही है। पुलिस सूत्रों का कहना है कि कई लोग नोटिस भेजने के बाद भी जांच में सहयोग नहीं कर रहे हैं।
कई बार क्षतिग्रस्त किया गया था सर्वर
जेएनयू के मेन सर्वर रूम में हिंसा से दो दिन पहले तीन जनवरी को छेड़छाड़ की गई थी। इसके बाद सर्वर को ठीक कर लिया गया था। चार जनवरी को सर्वर को दोबारा क्षतिग्रस्त कर दिया गया। पुलिस इस डाटा को एफएसएल की मदद से खोज रही है। एफएसएल की साइबर शाखा सर्वर से डाटा निकालने के प्रयास में जुटी है। इससे पता चल सकेगा कि वे लोग कौन थे, जो अंतिम बार सर्वर रूम की तरफ आए या इसके अंदर घुसे।
अक्षत ने खुद को बताया बेकसूर
जेएनयू हिंसा मामले में एक निजी चैनल के स्टिंग ऑपरेशन में फंसे अक्षत अवस्थी ने एसआईटी की पूछताछ में खुद को बेकसूर बताया है। करीब तीन घंटे चली पूछताछ में उसने खुद को फंसाए जाने का आरोप लगाया और हिंसा में हाथ होने से साफ इनकार कर दिया। उधर, पुलिस ने योगेंद्र भारद्वाज और विकास पटेल को सोमवार को फिर जांच में शामिल होने के लिए कहा है।
एसआईटी ने अब तक सबसे लंबी पूछताछ अक्षत अवस्थी से ही की है। अक्षत चैनल के स्टिंग में हिंसा में अपना अपराध कबूल करता नजर आया था। स्टिंग सामने आने के बाद वह भूमिगत था। एसआईटी ने उसे नोटिस भेजकर जांच में शामिल होने के लिए कहा था। अब अक्षत ने खुद पर लगे आरोपों को गलत बताते हुए कहा कि उसे बहला-फुसलाकर स्टिंग को अंजाम दिया गया।
एसआईटी ने अक्षत से 5 जनवरी की हिंसा के वक्त उसकी लोकेशन के बारे में भी पूछा। सूत्रों की मानें तो अक्षत ने कहा कि वह न तो साबरमती हॉस्टल गया और न ही पेरियार हॉस्टल। हालांकि वह पेरियार हॉस्टल के बाहर मौजूद था। यहां से वह अपने हॉस्टल में आ गया और सो गया। अगले दिन वह जेएनयू से बाहर चला गया था।
कोमल ने पत्र लिखकर कहा जांच में देंगी सहयोग
हिंसा के दौरान वीडियो में दिख रही एक लड़की की पहचान पुलिस ने दौलतराम कॉलेज की छात्रा कोमल शर्मा के रूप में की थी। हालांकि कोमल ने नकाब के पीछे खुद के होने से साफ इनकार किया था। एसआईटी को उसका पता नहीं मिल रहा था। अब कोमल शर्मा ने खुद एसआईटी को पत्र लिखा है। इसमें कोमल ने पुलिस को जांच में पूरा सहयोग देने की बात कही है। एसआईटी ने कोमल से कहा है कि वह दिन, तारीख और जगह बता दें, ताकि महिला अधिकारी भेजकर बयान दर्ज कराया जा सके।