कश्मीरियों के समर्थन में सिख संगठनों ने किया प्रदर्शन, लगे खालिस्तान के नारे
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जम्मू-कश्मीर में अनुच्छेद 370 हटाए जाने के खिलाफ बृहस्पतिवार को पंजाब से बड़ी संख्या में सिख संगठनों से जुड़े लोगों ने दिल्ली के गुरुद्वारा रकाब गंज के सामने जमकर प्रदर्शन किया। इस दौरान खालिस्तान जिंदाबाद के नारे भी लगाए। पुलिस की दबिश के बाद ही प्रदर्शन खत्म किया।
अकाली दल (अमृतसर), यूनाइटेड अकाली दल, दल खालसा समेत कई सिख संगठनों के नेतृत्व में कार्यकर्ता पंजाब, श्रीनगर, तमिलनाडू के विभिन्न हिस्सों से प्रदर्शन करने पहुंचे। उनका आरोप था कि जम्मू-कश्मीर में धारा 370 हटाकर वहां के लोगोें पर ज्यादती की जा रही है।
कश्मीरियों पर जुल्म किया जा रहा है। श्रीनगर से पहुंचे प्रदर्शनकारी अंगद सिंह का कहना था कि हम अल्पसंख्यक समुदाय का समर्थन करने पहुंचे है। जिस तरह से कश्मीरी अल्पसंख्यक है ठीक वैसे ही सिख समुदाय भी अल्पसंख्यक है। कश्मीर में जिस तरह से अनुच्छेद 370 हटाया गया उससे लगता है कि सरकार तानाशाही रवैया अख्तियार कर चुकी है।
उन्होंने कहा कि कश्मीर के दो पूर्व मुख्यमंत्री को नजरबंद कर दिया गया है। अगर वह गद्दार है तो फिर उन्हें मुख्यमंत्री बनाया ही क्यों गया। खालिस्तान जिंदाबाद के नारे पर उन्होंने कहा कि यह तो हमारी पुरानी मांग है। फ्रीडम ऑफ स्पीच है।
प्रदर्शनकारी जसविंदर सिंह का कहना था कि कश्मीरियों के साथ जुल्म हो रहा है। सिख गुरुओं ने हमें सिखाया है कि जिस कौम पर अत्याचार हो रहा है उसका सहयोग करे। प्रदर्शन का नेतृत्व शिरोमणी आकली दल (अमृतसर) के अध्यक्ष शिमरणजीत सिंह मान, दल खालसा के अध्यक्ष हरपाल सिंह चीमा ने किया।
धारा 144 का हवाला देकर पुलिस ने प्रदर्शन खत्म कराया
लुटियन दिल्ली में प्रदर्शन करने पहुंचे सिखों को देखकर दिल्ली पुलिस सकते में आ गई। पंडित पंत रोड पर आयोजित प्रदर्शन में जमकर नारेबाजी करते देख थोड़ी देर के लिए पुलिस भी घबराई गई। अचानक से बैरिकेडिंग कर प्रदर्शन को शांतिपूर्वक खत्म करने की अपील की गई। माइक से पुलिस ने समझाया कि इस धारा 144 लगा दी गई है। प्रदर्शन जल्द से जल्द खत्म करें।
प्रदर्शन की जानकारी दिल्ली पुलिस को भी नहीं थी
खालिस्तान समर्थक सिखों के प्रदर्शन को लेकर दिल्ली पुलिस को भी जानकारी नहीं थी। बड़ी संख्या में सिख समुदाय के लोग बुधवार को ही पंजाब से दिल्ली पहुंच गए थे। दिल्ली गुरुद्वारा बंगला साहब व गुरुद्वारा रकाब गंज में उन्होंने डेरा डाला था। सुनियोजित तरीके से बृहस्पतिवार को सिख संगठन के कार्यकर्ता झंडा-बैनर लेकर सड़क पर प्रदर्शन करने लगे। केंद्र सरकार की नीतियों के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।
जबकि पूर्व में सूचना यह थी कि वह जंतर-मंतर पर प्रदर्शन करेंगे। प्रदर्शन में निहंग भी शामिल हुए। जैसे ही पुलिस अधिकारियों को इसकी भनक लगी कि प्रदर्शनकारी संसद भवन के नजदीक प्रदर्शन कर रहे है तो उनके होश उड़ गए। आनन-फानन में पुलिस बल को मौके पर बुला लिया गया। खुद वरिष्ठ पुलिस अधिकारी भी मौके पर पहुंच गए। पूरे इलाके की घेराबंदी कर प्रदर्शनकारियों को वहीं पर रोक कर रखा गया।
दिल्ली के सिख संगठनों का नहीं मिला समर्थन
कश्मीर मुद्दे पर जुटे पंजाब के सिख संगठनों का साथ दिल्ली के सिख संगठनों से नहीं मिला। ना तो दिल्ली सिख गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी ना ही अकाली दल बादल व अकाली दल सरना गुट का समर्थन मिला। इस मुद्दे पर दिल्ली के सिख नेताओं ने दूरी बनाए रखी।