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मनी ट्रांसफर कराने वाले सावधान: KYC के बहाने ले लेता था फिंगर प्रिंट और फिर खाते से उड़ा देता था रुपये

Sun, 28 Aug 2022 08:03 PM IST
Vikas Kumar न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: Vikas Kumar Updated Sun, 28 Aug 2022 08:03 PM IST
सार

शातिर आरोपी मोबाइल में पैसे निकालने आ रहे संदेश को भी डीलिट कर देता था। जिससे पीड़ितों को पैसे निकाले जाने की जानकारी नहीं मिलता था। पीड़ित के खाते से आरोपी ने 11 बार पैसे निकाले थे। 

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shopkeeper take fingerprints on the pretext of KYC and then withdraw money from the bank account
finger print - फोटो : फाइल फोटो

विस्तार

द्वारका जिला साइबर थाना पुलिस ने बैंक में केवाईसी अपडेट करने के बहाने फिंगर प्रिंट लेकर ठगी करने वाले एक जालसाज को गिरफ्तार किया है। इसके कब्जे से एक मोबाइल फोन, एक सिम कार्ड व बायोमीट्रिक मशीन बरामद की है। आरोपी दस्तावेज सेवा के नाम से एक दुकान चलाता था, जहां वह मोबाइल कलपूर्जा बेचता था।

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द्वारका जिला पुलिस उपायुक्त एम. हर्षवर्धन ने बताया कि 27 जुलाई को नजफगढ़ निवासी संजय साहनी ने बैंक खाते से दस हजार रुपये निकाले जाने की शिकायत की। उसने बताया कि मोबाइल पर रुपये निकालने का मैसेज आया था। बैंक से संपर्क करने पर पता चला कि उसके खाते से एक लाख रुपये निकाले गए हैं और पैसे आधार कार्ड का इस्तेमाल कर निकाले गए हैं। 

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निरीक्षक जगदीश प्रसाद के नेतृत्व में टीम ने छानबीन शुरू की। जांच में पता चला कि जालसाज स्पाइस मनी एप के जरिये पैसे निकाल रहा है। तकनीकी जांच में आरोपी की पहचान गुड्डू के रूप में हुई। पुलिस ने शनिवार को गुड्डू को नजफगढ़ के कृष्णा विहार से गिरफ्तार कर लिया। आरोपी दस्तावेज सेवा नाम की दुकान में केवाईसी अपडेट, मनी ट्रांसफर, पैन कार्ड, आधार कार्ड अपडेट करने का काम करता था। 

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आरोपी ने बताया कि उसने मोबाइल में स्पाइस मनी और पे-नियरबाय एप डाउनलोड किया हुआ है। पे-नियरबाय एप कंपनी की ओर से उसे बायोमीट्रिक मशीन दी गई है। जब भी कोई व्यक्ति आरोपी की दुकान पर मनी ट्रांसफर कराने पहुंचता था तो वह उस व्यक्ति के मोबाइल में स्पाइस मनी एप डाउनलोड कर देता था। 

साथ ही बैंक में केवाईसी अपडेट करने का झांसा देकर वह पीड़ित का बायोमीट्रिक मशीन से फिंगर प्रिंट लेता था। इसके बाद वह एप पर पैसे निकालने वाले ऑप्शन में जाकर आधार इनेबल्ड पेमेंट सिस्टम के तहत पैसे निकाल लेता था। शातिर आरोपी मोबाइल में पैसे निकालने आ रहे संदेश को भी डीलिट कर देता था। जिससे पीड़ितों को पैसे निकाले जाने की जानकारी नहीं मिलता था। पीड़ित के खाते से आरोपी ने 11 बार पैसे निकाले थे। 

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