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विरोध के लिए निगमायुक्त के सामने जूते, उन्होंने उठाकर मेज पर रखे
Thu, 23 Jan 2020 07:00 AM IST
दुष्यंत शर्मा
अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली
अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली
Published by: दुष्यंत शर्मा
Updated Thu, 23 Jan 2020 07:00 AM IST
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सिविक सेंटर, दिल्ली
- फोटो : अमर उजाला
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सिविक सेंटर में बुधवार को उत्तरी दिल्ली नगर निगम सदन की बैठक जोरदार हंगामे के साथ शुरू हुई। पार्षद गुड्डी देवी ने निगमायुक्त वर्षा जोशी पर सरकारी सफाई कर्मचारी को जातिसूचक शब्द कहने का आरोप लगाते हुए उनके सामने वेल में जूते रखकर विरोध जताया।
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नाराज निगमायुक्त ने जूते वेल से उठाकर अपनी टेबल पर रख लिए और बैठक छोड़कर चली गईं। इसके बाद पक्ष-विपक्ष दोनों एकजुट हो गए और निगमायुक्त के खिलाफ जमकर हंगामा किया।
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महापौर अवतार सिंह की अध्यक्षता में बैठक शुरू होते ही कांग्रेस पार्षद गुड्डी देवी ने आरोप लगाया कि खुले में शौचमुक्त कराने के अभियान के दौरान निगमायुक्त वर्षा जोशी ने एक सफाई कर्मचारी को जातिसूचक शब्द कहे। कर्मचारी ने पार्षद से शिकायत की। गुड्डी देवी ने आरोप लगाया कि निगमायुक्त ने सफाई कर्मचारी को जूतों से पीटने की बात कही थी।
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उन्होंने सदन में निगमायुक्त की सीट के सामने कीचड़ लगे हुए दो जूते रख दिए और कहा कि इनसे उन्हें पीटें। इससे नाराज निगमायुक्त ने जूतों को वेल से उठाकर अपनी सीट के सामने टेबल पर रख लिया। महापौर के बराबर में जूते रखे जाने से अन्य पार्षदों हंगामा करने लगे। इसके बाद निगमायुक्त आरोपों पर नाराजगी जताते हुए सदन से बाहर चली गईं।
यह देखकर महापौर ने उन्हें रोकने की कोशिश की, लेकिन वह नहीं रुकीं। इसके बाद महापौर भी सदन छोड़कर चले गए। करीब 25 मिनट महापौर का इंतजार करने के बाद सत्ता पक्ष, विपक्ष और कांग्रेस के सभी पार्षद एकजुट हो गए। वे महापौर के कार्यालय में पहुंचे और उन्हें घेर लिया। पार्षदों ने निगमायुक्त के खिलाफ प्रस्ताव पारित करने की मांग की।
पार्षदों ने महापौर को करीब आधे घंटे तक घेरकर रखा और निगमायुक्त के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। नारे लगाने वालों में नेता विपक्ष सुरजीत सिंह पंवार के साथ ही भाजपा के पार्षद भी थे। उधर, पार्षद गुड्डी के आरोपों के बारे में निगमायुक्त ने कहा कि उन्होंने किसी कर्मचारी को कोई जातिसूचक शब्द नहीं कहे। उन्होंने ऐसा किया होता तो वे जेल में होतीं।