'गुलाम अली के लिए फील्डिंग तो महिला सुरक्षा के लिए क्यों नहीं'
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
शिवसेना ने अपने मुखपत्र 'सामना' में सोमवार को दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल पर निशाना साधा है। दरअसल शिवसेना के मुखपत्र में दिल्ली में होने जा रहे पाकिस्तानी गजल गायक गुलाम अली के कार्यक्रम को लेकर आप सरकार की आलोचना की गई।
गौरतलब है कि शिवसेना के विरोध के चलते ही गुलाम अली ने जगजीत सिंह की याद में रखा गया पुणे का कार्यक्रम रद्द कर दिया था। इसी के बाद दिल्ली सरकार ने उन्हें राजधानी में कंसर्ट करने का न्यौता दिया था।
'सामना के संपादकीय में कहा गया है कि अगर आम आदमी पार्टी गुलाम अली के कंसर्ट के लिए अपने वॉलेंटियर तैनात कर सकती है तो फिर यही काम वो दिल्ली में महिला सुरक्षा के लिए क्यों नहीं कर सकती।'
गुलाम अली के कंसर्ट कराने पर उपजा विवाद
सामना के संपादकीय में शिवसेना ने दिल्ली की आम आदमी पार्टी की सरकार से पर निशाना साधते हुए लिखा है कि 'बता दें आप लीडर संजय सिंह ने कहा था कि दिल्ली में गजल गायक गुलाम अली के कंसर्ट में कोई परेशानी ना आए, इसके लिए जरूरत होने पर पार्टी 'अपने कार्यकर्ताओं की सेना' तैनात करेगी। ताकि प्रोग्राम बिना किसी रुकावट के पूरा हो सके। हम प्रोग्राम में कोई मुश्किल होने नहीं देंगे।'
संजय सिंह की इसी बात को आधार बनाते हुए शिवसेना ने अपना संपादकीय लिखा है। शुक्रवार को ही दिल्ली में दो बच्चियों के साथ गैंगरेप की घटना के बाद से एक बार फिर राजधानी में महिला सुरक्षा का मुद्दा चर्चा के केंद्र में है। जिसको लेकर केजरीवाल कह रहे हैं कि दिल्ली पुलिस उनके अंदर नहीं है इसलिए वो पुलिस का सही उपयोग नहीं कर पा रहे हैं।
यही कारण है कि शिवसेना केजरीवाल सरकार से पूछ रही है कि आप के लिए कौन ज्यादा महत्वपूर्ण है, गुलाम अली या दिल्ली की महिलाएं। बता दें कि गुलाम अली का कंसर्ट 8 नवंबर को दिल्ली में होने वाला है जिसे असफल करने की शिवसेना ने धमकी दी है।