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मरीज की जान बचाने को डॉक्टर ने कबूल लिया संक्रमण, घर में पत्नी थीं गर्भवती

Sun, 26 Jul 2020 09:56 AM IST
प्राची प्रियम संदीप वर्मा, ग्रेटर नोएडा
संदीप वर्मा, ग्रेटर नोएडा Published by: प्राची प्रियम Updated Sun, 26 Jul 2020 09:56 AM IST
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corona warrior story: sharda hospital doctor Vikram Singh Chauhan affected with corona during an emergency operation
डॉ. विक्रम सिंह चौहान - फोटो : अमर उजाला

फेसबुक के साथ अमर उजाला ने कोरोना सेनानियों के जज्बे और जुनून पर यह श्रृंखला शुरू की है। इसके तहत आपको साहसी कोरोना सेनानियों की कथाएं नियमित रूप से पढ़ने को मिलेंगी। 

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एक तरफ जहां कोरोना संक्रमण के प्रति आम लोगों में भय व्याप्त है। वहीं, ग्रेटर नोएडा के एक सर्जन ने मरीज की जान बचाने के लिए अपनी जान दांव पर लगा दी। शारदा विवि के स्कूल ऑफ मेडिकल साइंसेज एवं रिसर्च में सर्जरी विभाग के विभागाध्यक्ष डॉ. विक्रम सिंह चौहान इमरजेंसी में मरीज की सर्जरी करते हुए खुद संक्रमित हो गए।
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वहीं, बाद में उनकी गर्भवती पत्नी और सात वर्ष का बेटा भी संक्रमित हो गया। अभी हाल में जन्मा उनका सात दिन का बेटा अस्पताल के एनआईसीयू में माता-पिता के बाहर आने का इंतजार कर रहा है कि वह ठीक होकर आए और उसे घर ले जाएं। 
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नॉलेज पार्क स्थित शारदा विवि के स्कूल ऑफ मेडिकल साइंसेज एवं रिसर्च में सर्जरी विभाग के प्रभारी डॉ. विक्रम सिंह चौहान यहीं मेडिकल कॉलेज परिसर में रहते हैं। 

लगभग 10 दिन पहले देर रात अस्पताल में एक दुर्घटना का मरीज गंभीर हालत में लाया गया था। मामला गंभीर होने पर उन्होंने अस्पताल के चिकित्सा अधीक्षक डॉ. आसुतोष निरंजन को जानकारी दी। 

उन्होंने पीपीई किट पहनने का इंतजार नहीं किया और मरीज की जान बचाने के लिए अपनी जान दांव पर लगाते हुए उसकी सर्जरी में जुट गए। हॉस्टल में ही मौजूद जूनियर डॉक्टर कुछ देर बाद पीपीई किट पहनकर पहुंचे। 

इससे पहले ही उन्होंने सर्जरी का इंतजाम करते हुए स्वयं मरीज की सर्जरी कर उसकी जान बचा ली। बाद में मरीज की जांच रिपोर्ट में जब कोरोना की पुष्टि हुई तो उन्होंने भी अपना टेस्ट कराया। मरीज को बचाने में डॉ. विक्रम स्वयं कोरोना से संक्रमित हो गए थे। 

घर में पत्नी थी गर्भवती 

जिस समय डॉ. विक्रम मरीज की जान बचाने के लिए उसकी सर्जरी कर रहे थे तो उनको मालूम था कि उनकी पत्नी 9 माह की गर्भवती है। दो दिन बाद अस्पताल में उनकी पत्नी ने एक बेटे को जन्म दिया। 

इस दौरान जांच में उनकी पत्नी भी कोरोना संक्रमित मिली। वहीं, उनका सात वर्ष का बेटा भी संक्रमित हो गया। तीनों को शारदा कोविड अस्पताल में भर्ती कराया गया है। 

एनआईसीयू में नवजात कर रहा माता-पिता का इंतजार
डॉक्टरी पेशे का फर्ज निभाते हुए डॉ. विक्रम को कोरोना हुआ। वहीं, उनकी पत्नी और सात वर्ष के बेटे को भी कोरोना हो गया। 

वहीं, अस्पताल के नियो नेटल इंटेसिव केयर यूनिट में नवजात माता-पिता का इंतजार कर रहा है कि कब उसके माता पिता ठीक होकर उसे घर ले जाए। 

(फेसबुक ने इस श्रृंखला के लिए हमारे साथ भागीदारी की है, लेकिन इस कड़ी में प्रकाशित होने वाले समाचारों पर कोई संपादकीय नियंत्रण नहीं लगाया है।)

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