शांति के लिए आगे आए शांति भूषण, टीम केजरीवाल ने नकारा
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आम आदमी पार्टी (आप) में जारी घमासान के बीच वरिष्ठ नेता शांति भूषण ने मंगलवार को डैमेज कंट्रोल की कोशिश की है। शांति भूषण का कहना है कि अरविंद केजरीवाल के संयोजक बने रहने में कोई हर्ज नहीं है।
प्रशांत भूषण व योगेंद्र को केजरीवाल का समर्थन करना चाहिए। बावजूद इस नसीहत के टीम केजरीवाल समझौते की टेबल पर आने को तैयार नहीं है। दिल्ली प्रदेश संयोजक आशुतोष ने शांति भूषण पर हमला बोला है।
शांति भूषण के मुताबिक, पार्टी में झगड़ा सही नहीं। प्रशांत भूषण और योगेंद्र यादव केजरीवाल का समर्थन करें। केजरीवाल के आप का राष्ट्रीय संयोजक बने रहने में कोई दिक्कत नहीं है। शांति भूषण का बयान उस वक्त आया है, जब आप नेता उन पर हमले कर रहे थे।
बयान आने के बाद भी बयानों का तीखापन कम नहीं हुआ। सूत्र बताते हैं योगेंद्र यादव व प्रशांत भूषण के मामले में बुधवार को राष्ट्रीय कार्यकारिणी की फैसला ले लिया जाएगा। फिलहाल कदम वापस खींचने की ज्यादा गुंजाइश नहीं बची है।
बयान के बाद आशुतोष ने किया शांति भूषण पर हमला
दूसरी तरफ बयान आने के बाद दिल्ली प्रदेश संयोजक आशुतोष ने शांति भूषण पर हमला बोला। आषुतोष ने कहा कि शांति भूषण को स्पष्टीकरण देना चाहिए कि उन्होंने चुनाव के दौरान केजरीवाल की जगह योगेंद्र को संयोजक बनाने की बात क्यों की थी।
केजरीवाल को बतौर मुख्यमंत्री अपनी तीसरी पंसद क्यों बताया था। ये अनुशासनहीनता के दायरे में आता है। शांति भूषण को यह भी बताना चाहिए कि अरविंद की जगह योगेंद्र को लाने की क्या साजिश थी। क्या इससे पार्टी की छवि धूमिल नहीं हुई।
इससे पहले सुबह आशीष खेतान ने ट्वीट किया कि शांति भूषण, प्रशांत और शालिनी यानी पिता, बेटे और बेटी की ये तिकड़ी पार्टी के सभी धड़ों पर अपनी पकड़ बनाना चाहती है। चाहे वह पीएसी हो, राजनीतिक मामलों की कमेटी हो या राष्ट्रीय कार्यकारिणी।
अरविंद से कई मसलों पर मतभेद है। मैंने अरविंद से कहा था कि पार्टी की कमियों को दूर करे। पार्टी अपने कुछ मुद्दों से भटकी है। ‘आप’ में हाईकमान कल्चर नहीं चल सकता। पार्टी में लोकतांत्रिक व्यवस्था होनी चाहिए।