नारी सम्मान : शैरबानु की बदली जिंदगी, सरकार की मदद से मिली राहत
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
दनकौर के उस्मानपुर निवासी 12 साल की शैरबानु जब 8 साल की थीं। तब मस्जिद में पढ़ाई के दौरान उन पर हाईटेंशन लाइन गिर गया था।
इससे नाक खराब और आंखों की रोशनी चली गई थी, लेकिन उत्तर प्रदेश सरकार की योजना रानी लक्ष्मीबाई महिला सम्मान कोष की बदौलत उनकी जिंदगी में एक बार फिर से खुशियां आने लगी हैं।
उन्हें अब तक 4.51 लाख रुपये की मदद दी जा चुकी है जिससे इलाज कराया जा रहा है। शैरबानु ने बताया कि इंफेक्शन की वजह से बाहर कहीं भी नहीं जा सकती थी, लेकिन अब इलाज के बाद मेरी स्थिति बेहतर हो गई है। अभी और भी सर्जरी होनी है। इसके लिए प्रदेश सरकार को धन्यवाद बोलती हूं।
बच्चे की जिंदगी में आएगा उजाला
दनकौर निवासी रेखा के मुंह पर एकतरफा प्यार में तीन महीने पहले एक शख्स ने तेजाब डाल दिया था। उसकी आंखें और चेहरा जल गया था। इस हादसे के बाद रेखा मानसिक रूप से टूट गई थी, लेकिन सरकार की मदद से उन्हें राहत मिली।
रेखा ने बताया कि पति की मौत के बाद एक शख्स पीछे पड़ गया था, इंकार करने पर उसने तेजाब फेंक दिया। सरकार की योजना रानी लक्ष्मीबाई महिला सम्मान कोष से मुझे 5 लाख रुपये दिए गए। मेरा इलाज भी कराया जा रहा है।
बच्चे की जिंदगी में आएगा उजाला
दादरी गांव से आए दिनेश ने बताया कि भाभी की दहेज हत्या हुई थी। भतीजा छोटा था। मां की मौत के बाद उसकी जिंदगी में अंधेरा छा गया था।
मां की कमी तो कोई पूरी नहीं कर सकता है, लेकिन प्रदेश सरकार ने उसकी मदद करके उच्च शिक्षा का इंतजाम कर दिया है। प्रदेश सरकार की रानी लक्ष्मी बाई योजना से उसकी मदद की जा रही है। ये पैसा उसे 18 साल के पूरे होने के बाद मिलेगा। अभी उसे मिलने वाले 3 लाख रुपये की एफडी करा दी जाएगी।