ये भी हैं घोटालों की जद में, इनकी भी होगी जांच
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दिल्ली की निचली अदालतों के कई जजों पर लैपटॉप खरीदी मामले में घोटाले का आरोप है। दिल्ली सरकार और हाई कोर्ट ने दिल्ली के जजों के लिए जरुरी लैपटॉप खरीदने के लिए फंड जारी किया था। वहीं हुआ ये कि लेपटॉप खरीदी के इस मामले में अनियमितता बरती गयी।
कुछ जजों ने लैपटॉप के फंड से घर के लिए टीवी खरीद लिया तो किसी ने कुछ और। दिल्ली हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस ने इस मामले की जांच के लिए तीन जजों का एक पैनल बनाया है जो ये जांच करेगा कि वाकई में लैपटॉप की खरीदी हुई है या नहीं।
जिन जजों के लिए लैपटॉप के लिए 1 लाख 10 हजार फंड का आवंटन हुआ था, उनसे खरीदी के डॉक्यूमेन्ट्स के आधार पर जांच की तलवार लटक रही है। केसों को हाईटेक तरीके से निपटाने के लिए उठाया गया कदम जजों की सहूलियत बढ़ाने के लिए लिया गया था।
किन पर लटक रही है तलवार
सूत्रों के मुताबिक जांच कर रहे अधिकारियों ने जजों से पूछा है कि उन्होंने पैसे कहां खर्च किए हैं। फिलहाल लैपटॉप खरीदी में हुए इस घोटलाले के मामले में 300 जजों के ऊपर खतरा मंडरा रहा है। इन जजों ने लैपटॉप की बजाय कुछ अन्य जरुरी सामान खरीद लिया।
मामले का पता उस वक्त चला जब रुटीन इंक्वायरी की गयी। चीफ जस्टिस के सामने सुबूत रखे गए। इस मामले की गंभीरता को समझते हुए चीफ जस्टिस ने जांच के लिए तीन जजों का पैनल गठित कर दिया।
बनाये गये इस पैनल में 3 वरिष्ठ जजों को शामिल किया गया है। जांच पैनल उन वेंडर्स की भी जांच करेगा, जिनसे खरीदी हुई है। जजों ने जांच में सहयोग करते हुए खरीदी डिटेल और क्रेडिट कार्ड्स के बिल भी जांच कर रहे पैनल को सौंपे हैं।