खौफनाक: एक दिन, एक शहर और सात सुसाइड
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जिंदगी अपनी कशिश खोती जा रही है। हर उम्र, हर तबके से जुड़ा शख्स जरा-जरा सी बात पर जिंदगी खत्म कर रहा है।
पढ़ाई और परिवार की अपेक्षाओं का बोझ, पारिवारिक कलह में लोग जान दे रहे हैं। यहां हर साल 100 से ज्यादा लोग आत्महत्या करते हैं।
शनिवार देर रात से लेकर रविवार रात तक गाजियाबाद में सात लोगों ने जान दे दी। आत्महत्या करने वालों में सबसे ज्यादा तादाद 18 से 40 साल उम्र के लोगों की है।
केस-1: पढ़ाई के दबाव में छात्रा ने किया सुसाइड
इंदिरापुरम की शिप्रा सनसिटी में पढ़ाई के दबाव के चलते 12वीं की छात्रा हिमाली (17) ने फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली। पुलिस को मौके से सुसाइड नोट मिला है, जिसमें छात्रा ने पढ़ाई में कमजोर रहने के चलते सुसाइड करने की बात लिखी है।
साइंस स्ट्रीम में उसे पढ़ाई करने में दिक्कत आ रही थी। रविवार को उसे ऑल इंडिया प्री मेडिकल टेस्ट (एआईपीएमटी) का एंट्रेंस टेस्ट भी देना था। माना जा रहा है कि एंट्रेंस में फेल होने के डर से उसने यह कदम उठा लिया।
हिमाली के पिता हेमंत बिहार में एक मीडिया संस्थान में कार्यरत हैं। परिजनों ने बताया कि शनिवार रात हिमाली अपने कमरे में पढ़ रही थी। लाइट जाने पर परिवार के अन्य लोग फ्लैट के बाहर जाकर टहलने लगे।
कुछ देर बाद लाइट आई तो वे हिमाली के कमरे में पहुंचे। उसका शव चुन्नी से बंधा पंखे पर लटक रहा था। सुसाइड नोट में उसने मौत के लिए खुद को जिम्मेदार ठहराया है।
केस-2: युवक ने की खुदकुशी
लोहियानगर पीले क्वार्टर में विकास (24) ने रविवार सुबह फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली। उसका शव प्रथम तल पर बने कमरे में पर्दे से छत के पंखे पर लटका मिला।
युवक की शादी नहीं हुई थी। वह कूरियर ऑफिस चलाता था। सूचना पर पहुंची पुलिस को मौके से कोई सुसाइड नोट नहीं मिला है।
युवक की मौत से परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। फिलहाल आत्महत्या के कारणों का पता नहीं चल सका है। सिहानी गेट कोतवाली पुलिस मामले की जांच कर रही है।
केस-3: पारिवारिक कलह के चलते दी जान
नूरनगर सिहानी में पप्पू (22) ने फंदा लगाकर जान दे दी। रविवार सुबह उसका शव कमरे में छत में लगे कुंदे पर रस्सी से लटका मिला।
उसके भाई प्रदीप ने बताया कि पप्पू शराब पीने का आदी था। उसकी एक पंचर लगाने की दुकान थी। उसने यह कदम क्यों उठाया पता नहीं चल सका।
सिहानी गेट पुलिस मामले की जांच में जुटी है। फिलहाल युवक की मौत की वजह पारिवारिक कलह को माना जा रहा है।
केस-4: रस्सी से लगाया फंदा
हरवंशनगर घूकना में देवेंद्र (35) ने प्लास्टिक की रस्सी से फंदा लगाकर खुदकुशी कर ली। उसका शव रविवार सुबह प्लास्टिक की रस्सी से छत के पंखे पर लटका मिला।
वह नोएडा की फैक्ट्री में नौकरी करता था। पुलिस को मौके से कोई सुसाइड नोट नहीं मिला है।
इम मामले में भी पारिवारिक कलह आत्महत्या की वजह मानी जा रही है। सिहानी गेट पुलिस जांच में जुटी है।
केस-5: सूदखोर से परेशान होकर दी जान
ग्राम नगला बख्तेरापुर कायमगंल फरुखाबाद का रहने वाला अजीत (42) लोनी की कासिम विहार कॉलोनी में रह रहा था। वह गैस सिलेंडर घरों में सप्लाई करता था। उसके परिवार में पत्नी के अलावा छह बच्चे हैं।
रविवार अलसुबह बच्चे सो रहे थे। उसकी पत्नी पडोस में ही दूध लेने गई थी। वापस लौटी तो पति का शव टिनशेड में लगे पाइप से लटका पाया। उसने लुंगी का फंदा गले में लगाकर आत्महत्या कर ली थी।
मृतक के पुत्र सुनील का आरोप है कि उसके पिता ने कॉलोनी में ही रहने वाले महेंद्र बंसल से दो लाख रुपये उधार लिए थे। सूद सहित पैसे वापस लौटाने के बाद भी सूदखोर उनके मकान पर जबरन कब्जा करने की धमकी दे रहा था। जिसके कारण उसके पिता मानसिक तनाव में थे। सुनील ने महेन्द्र बंसल के विरुद्ध रिपोर्ट दर्ज कराई है।
केस-6: चार बच्चों के पिता ने लगाई फांसी
लोनी की नाईपुरा कॉलोनी निवासी कल्लू (45) दिल्ली एमसीडी में सफाईकर्मी थे। रविवार सुबह चार बजे उन्होंने आंगन में लगे लोहे के जाल में रस्सी का फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली।
परिजन घर की छत पर सो रहे थे। वह चार बच्चों के पिता थे। गृहक्लेश के चलते मानसिक रूप से परेशान थे।
केस-7: महिला ने की आत्महत्या
लोनी की रामपार्क एक्सटेंशन कालोनी निवासी सुमन (24) ने शनिवार रात दस बजे कमरे की छत में लगे पंखे में साडी का फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली।
वह मूल रूप से अल्मोडा की रहने वाली थी। डेढ वर्ष पूर्व उसकी मदनमोहन से शादी हुई थी। अभी तक उसके मायके वाले लोनी नही पहुंचे थे।