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जांच एजेंसियां खोलेंगी सरहद पार के राज: सीमा की अग्नि परीक्षा अभी बाकी, इसलिए उसकी कहानी पर नहीं हो रहा भरोसा

Fri, 21 Jul 2023 09:32 AM IST
आकाश दुबे अमर उजाला नेटवर्क, ग्रेटर नोएडा
अमर उजाला नेटवर्क, ग्रेटर नोएडा Published by: आकाश दुबे Updated Fri, 21 Jul 2023 09:32 AM IST
सार

सीमा हैदर के पाकिस्तानी सिम कार्ड, मोबाइल, सीडीआर, डाटा और दस्तावेज की जांच नहीं हो जाती तब तक उसकी कहानी पर पूरा भरोसा नहीं किया जा सकता। सरहद पार से लाए गए इलेक्ट्रॉनिक उपकरण और दस्तावेज की जांच केंद्रीय एजेंसियों के हस्तक्षेप से ही हो सकती है।

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Seema Haider Sachin Love Story Central Agencies Intensify Probe In Espionage Case
सीमा हैदर - फोटो : AMAR UJALA

विस्तार

सीमा हैदर सचिन के प्यार में पाकिस्तान से नेपाल के रास्ते चार बच्चों को लेकर रबूपुरा आने का दावा कर रही है। लेकिन जब तक उसके पाकिस्तानी सिम कार्ड, मोबाइल, सीडीआर, डाटा और दस्तावेज की जांच नहीं हो जाती तब तक उसकी कहानी पर पूरा भरोसा नहीं किया जा सकता। वह पाकिस्तानी सिम को नेपाल में फेंककर आई थी। उससे पास से टूटा हुआ पाकिस्तानी मोबाइल भी मिला है। सरहद पार से लाए गए इलेक्ट्रॉनिक उपकरण और दस्तावेज की जांच केंद्रीय एजेंसियों के हस्तक्षेप से ही हो सकती है। अगर इन तमाम बिंदुओं पर जांच शुरू हुई तो सीमा की मुश्किलें बढ़ सकती हैं। उधर, सरहद पार के प्यार के मामले में केंद्रीय एजेंसियों ने जासूसी की आशंका की जांच कर दी है।

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गुरुवार को दो केंद्रीय एजेंसियों की टीम गौतमबुद्ध नगर पहुंची। उन्होंने संबंधित पुलिस अधिकारियों से पूरे मामले की जानकारी जुटाई। उधर एक अधिकारी ने पुष्टि की है कि फर्जी दस्तावेज बनाकर सीमा हैदर और उसके दो बच्चों के आधार कार्ड बनवाए गए थे। पुलिस ने फर्जी दस्तावेज और आधार कार्ड बनवाने वाले मददगार की तलाश शुरू कर दी है। बताया जा रहा है कि मामले में सीमा हैदर, सचिन मीणा और मददगारों पर कानूनी शिकंजा और कस सकता है।

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एटीएस की पूछताछ के बाद एक तरफ सीमा हैदर, सचिन मीणा व उसके परिजन ने मीडिया व आमजन से दूरी बना ली है। वहीं, दूसरी ओर केंद्रीय एजेंसियां भी अलर्ट हो गईं हैं। एक अधिकारिक सूत्र ने जानकारी दी कि गुरुवार को दो केंद्रीय एजेंसियों के अधिकारियों ने पूरे प्रकरण की पूरी जानकारी हासिल की। दोनों एजेंसियों के अधिकारी लौट गए हैं या वह अभी जिले में ही है। इसकी पुष्टि नहीं हुई है।

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इधर, यूपी एटीएस भी सीमा हैदर आदि से पूछताछ के दौरान मिली जानकारियों का सत्यापन करने के प्रयास में जुटी हैं। फिलहाल एटीएस और पुलिस को सीमा हैदर के जासूस होने के संबंध में ठोस साक्ष्य नहीं मिले हैं। बताया जा रहा है कि वह पाकिस्तानी सिम को नेपाल में फेंककर आई थी। उससे पास से टूटा हुआ पाकिस्तानी मोबाइल भी मिला है। इससे उसके सबूत नष्ट करने की आशंका जताई जा रही है। एजेंसियां ऐसे ही तमाम तथ्यों की जांच में जुटी हैं।

आधार कार्ड से ही नेपाल में रहने और भारत में आने का शक
पुलिस ने सीमा से आधार कार्ड बरामद किए थे लेकिन इसके बारे में ज्यादा जानकारी नहीं दी। जबकि सीमा हैदर ने नेपाल में खुद को भारतीय बताया था। भारतीय सीमा में भी जांच के दौरान उसने खुद को सचिन की पत्नी और रबुपुरा निवासी ठकुराइन बताया था। ऐसे में पूरी आशंका हैं कि सीमा ने फर्जी दस्तावेज में खुद को सचिन की पत्नी और सचिन को बच्चों का पिता बताकर बनाए गए आधार कार्ड के जरिये ही सुरक्षाकर्मियों को धोखा दिया था। केस में अगर धोखाधड़ी की धारा बढ़ाई जाती है, तो उसकी जमानत रद्द भी हो सकती है।

पहली बार फर्जी पासपोर्ट पर नेपाल आने की आशंका
रबूपुरा थाने में दर्ज की गई एफआईआर में सीमा हैदर से बरामद पासपोर्ट आठ मई को जारी होने की बात दर्ज है। जांच में सीमा और चारों बच्चों के कुल छह पासपोर्ट बरामद होने की बात सामने आई है। सीमा मार्च में भी नेपाल गई थी। उस दौरान उसके फर्जी पासपोर्ट पर नेपाल आने की आशंका जताई जा रही है। वहीं आठ मई को जारी हुए पासपोर्ट में भी गड़बड़ी की आशंका से इन्कार नहीं किया जा रहा है। एजेंसियां मामले की जांच कर रही हैं।

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