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सीलमपुर हिंसा मामलाः अदालत ने जेल प्रशासन से मांगी दो आरोपियों की मेडिकल रिपोर्ट

Fri, 27 Dec 2019 07:24 PM IST
Vikas Kumar न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: Vikas Kumar Updated Fri, 27 Dec 2019 07:24 PM IST
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Seelampur violence case: court seeks medical report of two accused from jail administration
सीलमपुर हिंसा - फोटो : अमर उजाला/एएनआई

अदालत ने सीलमपुर इलाके में नागरिकता संशोधन कानून के विरोध प्रदर्शन के बीच हिंसा में गिरफ्तार किए गए दो आरोपियों की मेडिकल रिपोर्ट पेश करने का निर्देश शुक्रवार को मंडोली जेल प्रशासन को दिया। इस मामले में पुलिस ने कुल 14 लोगों को गिरफ्तार किया था। फिलहाल यह सभी आरोपी न्यायिक हिरासत में हैं। सीलमपुर इलाके में 17 दिसंबर को हुई हिंसा में दो वाहनों को क्षति पहुंचाई गई और पुलिस पर पथराव भी हुआ था। 

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कड़कड़डूमा जिला अदालत के अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश बृजेश गर्ग ने आरोपी यूसुफ अली की जमानत याचिका पर सुनवाई करते हुए उसकी मेडिकल रिपोर्ट पेश करने का निर्देश जेल अधिकारियों को दिया। अदालत ने जमानत याचिका पर अगली सुनवाई के लिए 30 दिसंबर की तारीख तय की है। 
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अदालत के समक्ष जमानत याचिका पर यूसुफ अली के वकील जाकिर रजा और अब्दुल गफ्फार ने कहा कि उनका मुव्वकिल थायराइड की बीमारी से पीड़ित है जिससे उसे जेल में लगातार दौरे पड़ रहे हैं। बचाव पक्ष की ओर से पेश किए गए मेडिकल सर्टिफिकेट पर गौर करने के बाद कोर्ट ने कहा कि उस पर 23 दिसंबर की तारीख है जबकि आरोपी उस दिन न्यायिक हिरासत में था। 
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अदालत ने पूछा कि डॉक्टर ने मरीज को देखे बिना मेडिकल सर्टिफिकेट कैसे बना दिया। आरोपी के वकील ने कहा कि उसकी बीमारी का इलाज डॉक्टर लंबे समय से कर रहे थे, इसलिए उसकी हालत से अवगत थे।

अदालत ने दूसरे आरोपी मोइनुद्दीन की जमानत याचिका पर सुनवाई करते हुए आरोपी के घायल होने का कारण पूछा। बचाव पक्ष के वकील ने बताया कि आरोपी कथित रूप से लाठी चार्ज में घायल हुआ। कोर्ट ने कहा कि यह घाव लाठी का नहीं हो सकता। इस पर पुलिस ने कहा कि धमाके के कारण आरोपी जख्मी हुआ। विरोध प्रदर्शन में कथित रूप से पेट्रोल बमों का प्रयोग हुआ था। 


बचाव पक्ष ने घाव संबंधी दस्तावेज प्रस्तुत करने के लिए अदालत से और समय मांगा जिसके बाद अदालत ने सुनवाई स्थगित कर दी। हिंसा में घायल होने के कारण तुरंत सर्जरी कराने का हवाला देते हुए जमानत मांगी है। कोर्ट ने जेल अधिकारियों को मोईनुद्दीन की मेडिकल रिपोर्ट भी पेश करने का निर्देश दिया।  

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