फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Delhi ›   Delhi NCR News ›   Scrap dealer had orchestrated a 'robbery

Delhi NCR News: स्क्रैप कारोबारी ने खुद ही लुटवाए थे 44 लाख, आरोपी व कारोबारी समेत छह गिरफ्तार, 26 लाख बरामद

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Tue, 27 Oct 2026 08:12 PM IST
विज्ञापन
नोट: खबर सुलतानपुर और अमेठी, यूपी के लिए भी उपयोगी हो सकती है
विज्ञापन

-शाहदरा जिले की मानसरोवर पार्क थाना पुलिस ने 27 अगस्त को एरिया में पिस्टल के बल पर हुई लूट की गुत्थी को सुलझाया
-कारोबारी ने माल की पेमेंट करने के साथियों को दे दी कैश मूवमेंट की सूचना
-कारोबारी की सूचना पर उसके साथियों ने लूट लिया कैश, पुलिस ने मामले में मुख्य आरोपी की 19 वर्षीय बहन को भी किया पाबंद
-मामले की छानबीन जारी, कारोबारी के पिता से भी हो रही पूछताछ
अमर उजाला ब्यूरो
पूर्वी दिल्ली। कारोबार में हुए घाटे को पूरा करने के लिए एक स्क्रैप कारोबारी ने 44 लाख की पेमेंट करने के बाद खुद ही अपने साथियों को कैश मूवमेंट की सूचना देकर रकम लुटवा दी। मानसरोवर पार्क थाना पुलिस ने इस सनसनीखेज वारदात से पर्दा उठाकर मामले में कारोबारी व मुख्य आरोपी समेत छह लोगों को गिरफ्तार किया है। इनके पास से लूटे गए 26.41 लाख रुपये बरामद किए हैं। आरोपियों की पहचान कारोबारी प्रांजल तिवारी, मुख्य आरोपी सत्यम विश्वकर्मा उर्फ डेविल के अलावा सरब तिवारी उर्फ प्रफुल, अंबरिश तिवारी उर्फ चंचल, गौरव तिवारी और रामजीत के रूप में हुई है। पुलिस ने आरोपियों के पास से कैश के अलावा वारदात में इस्तेमाल एक पिस्टल, मैगजीन और कार बरामद की है।
पुलिस ने मामले में मुख्य आरोपी सत्यम विश्वकर्मा की 19 साल की बहन को भी पाबंद किया है। दरअसल सत्यम की निशानदेही पर पुलिस ने यूपी के सुल्तानपुर से उसकी बहन के पास से 22.51 लाख रुपये बरामद किए हैं। इससे पूर्व पुलिस ने 3.90 लाख रुपये दिल्ली से ही बरामद कर लिए थे। सत्यम और सरब तिवारी के खिलाफ तीन-तीन और अंबरिश के खिलाफ एक मामला दर्ज है। शाहदरा जिला के पुलिस उपायुक्त आरपी मीणा ने बताया कि 27 अगस्त को मानसरोवर पार्क इलाके में बदमाशों ने पिस्टल दिखाकर कैश कलेक्शन एजेंट जितेंद्र से 44 लाख रुपये लूट लिए थे। पुलिस ने मामला दर्ज कर छानबीन शुरू। जांच के दौरान जितेंद्र ने बताया कि उसने कारोबारी प्रांजल तिवारी व उनके पिता अवधेश तिवारी से 44 लाख रुपये कलेक्ट किए थे।
विज्ञापन

इस पेमेंट को उसे मायापुरी के दूसरे कारोबारी तक पहुंचाना था। बदमाशों ने उसे मानसरोवर पार्क में ही लूट लिया। पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज और टेक्निकल सर्विलांस के आधार पर पड़ताल शुरू की। शुरुआत में ही पुलिस को कारोबारी प्रांजल तिवारी पर शक हो गया। पुलिस ने उससे पूछताछ की तो आरोपी ने पूरी वारदात में अपना हाथ होने की बात कबूल कर ली।
विज्ञापन
विज्ञापन

ऐसे दिया गया वारदात को अंजाम :
प्रांजल ने पुलिस को बताया कि उसे कारोबार में घाटा हुआ था। घाटे को पूरा करने के लिए उसने साजिश रची। उसने अपने दोस्त सुल्तानपुर निवासी सरब तिवारी को पूरी साजिश बताई। इसके तहत कैश की सूचना देकर अपने साथियों से उसे लुटवाना था। बाद में रकम को आपस में बांटना था। सरब तिवारी ने मुख्य आरोपी सुलतानपुरी निवासी सत्यम विश्वकर्मा को योजना में शामिल किया। इसके बाद सत्यम ने अमेठी निवासी अंबरिश के साथ मिलकर प्रांजय की सूचना पर कैश लूट लिया। बाद में ये लोग गुरुग्राम भाग गए। गौरव तिवारी ने यूपी में इनके रुकने का इंतजाम किया।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article