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Delhi NCR News: एसवीएसयू में राष्ट्रीय तकनीकी दिवस पर वैज्ञानिकों ने युवाओं को किया प्रेरित
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संवाद न्यूज एजेंसी
पलवल।
श्री विश्वकर्मा कौशल विश्वविद्यालय (एसवीएसयू) में राष्ट्रीय तकनीकी दिवस मनाया गया। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में सीएसआईआर की पूर्व निदेशक एवं प्रतिष्ठित वैज्ञानिक प्रोफेसर रंजना अग्रवाल ने विद्यार्थियों को विज्ञान और तकनीक के क्षेत्र में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि भारत विज्ञान एवं तकनीक के क्षेत्र में तेजी से महाशक्ति बन रहा है और अंतरिक्ष से लेकर परमाणु ऊर्जा तक आत्मनिर्भरता की दिशा में उल्लेखनीय कार्य कर रहा है।
उन्होंने कहा कि ऊर्जा और ईंधन वर्तमान समय की सबसे बड़ी चुनौती हैं, लेकिन भारत के पास थोरियम के रूप में विशाल ऊर्जा भंडार उपलब्ध है। उन्होंने विद्यार्थियों से नई तकनीकों को मानव मूल्यों से जोड़ने और भारतीय प्राचीन विज्ञान पर भी शोध करने का आह्वान किया। विशिष्ट वक्ता डॉ. एसएसवी रामकुमार ने कहा कि 2047 तक विकसित भारत के लक्ष्य को हासिल करने में ऊर्जा क्षेत्र की महत्वपूर्ण भूमिका होगी। उन्होंने सौर, पवन और परमाणु ऊर्जा के बढ़ते महत्व पर प्रकाश डाला। कार्यक्रम में पोस्टर प्रतियोगिता के विजेताओं को सम्मानित किया गया। विश्वविद्यालय के अकादमिक अधिष्ठाता प्रोफेसर विक्रम सिंह ने अतिथियों का स्वागत किया। इस अवसर पर बड़ी संख्या में शिक्षक और विद्यार्थी उपस्थित रहे।
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पलवल।
श्री विश्वकर्मा कौशल विश्वविद्यालय (एसवीएसयू) में राष्ट्रीय तकनीकी दिवस मनाया गया। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में सीएसआईआर की पूर्व निदेशक एवं प्रतिष्ठित वैज्ञानिक प्रोफेसर रंजना अग्रवाल ने विद्यार्थियों को विज्ञान और तकनीक के क्षेत्र में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि भारत विज्ञान एवं तकनीक के क्षेत्र में तेजी से महाशक्ति बन रहा है और अंतरिक्ष से लेकर परमाणु ऊर्जा तक आत्मनिर्भरता की दिशा में उल्लेखनीय कार्य कर रहा है।
उन्होंने कहा कि ऊर्जा और ईंधन वर्तमान समय की सबसे बड़ी चुनौती हैं, लेकिन भारत के पास थोरियम के रूप में विशाल ऊर्जा भंडार उपलब्ध है। उन्होंने विद्यार्थियों से नई तकनीकों को मानव मूल्यों से जोड़ने और भारतीय प्राचीन विज्ञान पर भी शोध करने का आह्वान किया। विशिष्ट वक्ता डॉ. एसएसवी रामकुमार ने कहा कि 2047 तक विकसित भारत के लक्ष्य को हासिल करने में ऊर्जा क्षेत्र की महत्वपूर्ण भूमिका होगी। उन्होंने सौर, पवन और परमाणु ऊर्जा के बढ़ते महत्व पर प्रकाश डाला। कार्यक्रम में पोस्टर प्रतियोगिता के विजेताओं को सम्मानित किया गया। विश्वविद्यालय के अकादमिक अधिष्ठाता प्रोफेसर विक्रम सिंह ने अतिथियों का स्वागत किया। इस अवसर पर बड़ी संख्या में शिक्षक और विद्यार्थी उपस्थित रहे।
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