संजीव चतुर्वेदी को दिल्ली भेजने पर प्रधानमंत्री मोदी ही लेंगे अंतिम फैसला
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एम्स के पूर्व सीवीओ (चीफ विजिलेंस ऑफिसर) और वर्तमान में डिप्टी सेक्रेट्री संजीव चतुर्वेदी को दिल्ली सरकार में प्रतिनियुक्ति पर भेजने का अंतिम फैसला प्रधानमंत्री ही लेंगे।
इस संबंध में प्रधानमंत्री कार्यालय में बैठक हुई है, लेकिन इस पर कोई कुछ भी बताने को तैयार नहीं है। कैट ने जून के पहले सप्ताह में अप्वाइंटमेंट कमेटी ऑफ कैबिनेट (एसीसी) को आदेश दिया था कि तीन सप्ताह के अंदर संजीव पर निर्णय लें।
एसीसी के प्रमुख प्रधानमंत्री ही होते हैं। प्रधानमंत्री कार्यालय के सचिव भास्कर खुल्बे ने कहा कि संजीव चतुर्वेदी को दिल्ली सरकार में प्रतिनियुक्ति पर भेजने का निर्णय प्रधानमंत्री को लेना है।
दिल्ली सरकार में प्रतिनियुक्ति पर भेजने को लेकर पीएमओ में हुई बैठक
इससे ज्यादा इस मामले में उन्होंने कुछ भी बोलने से साफ इनकार कर दिया। उधर, एम्स के डिप्टी डायरेक्टर एडमिनिस्ट्रेशन (डीडीए) वी. श्रीनिवास
ने भी इस मामले में कुछ भी बोलने से इनकार कर दिया।
सूत्रों की मानें तो प्रधानमंत्री कार्यालय में संजीव को दिल्ली सरकार में प्रतिनियुक्ति पर भेजने के संबंध में कैट के आदेश पर वरिष्ठ अधिकारियों ने बैठक की। सेंट्रल एडमिनिस्ट्रेटिव ट्रिब्यूनल (कैट) के आदेश के अनुसार तीन सप्ताह का समय 25 जून को पूरा हो रहा है और 28 जून तक संजीव केंद्र सरकार में प्रतिनियुक्ति पर हैं।
यदि संजीव चतुर्वेदी को दिल्ली सरकार में प्रतिनियुक्ति पर भेजने का फैसला नहीं लिया जाता है, तो उन्हें अपने मूल कैडर उत्तराखंड में रिपोर्ट करनी होगी।