कहा अस्पताल में नहीं है पानी, गर्भवती को अस्पताल से लौटाया
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दिल्ली में पानी की किल्लत का असर अस्पतालों में भी पड़ रहा है। पानी की कमी की वजह से एमसीडी के हिंदू राव अस्पताल से गर्भवती को वापस लौटा दिया गया।
आपात स्थिति में गर्भवती ने सुश्रुत ट्रॉमा सेंटर में बच्ची को जन्म दिया। सुश्रुत ट्रॉमा सेंटर में न तो गाइनेकोलॉजिस्ट होते हैं और न ही पीडियाट्रिक्स लिहाजा एंबुलेंस से जच्चा-बच्चा को लोकनायक अस्पताल में शिफ्ट किया गया। नवजात नर्सरी में भर्ती है और महिला की हालत सामान्य है।
जानकारी के मुताबिक शुक्रवार सुबह करीब साढ़े छह बजे बुराड़ी निवासी प्रभा (27) प्रसव पीड़ा के बाद दिल्ली नगर निगम के सबसे बड़े लोक नायक अस्पताल पहुंची।
हालत गंभीर थी और डिलीवरी का समय हो चुका था
महिला की हालत गंभीर थी और डिलीवरी का समय हो चुका था लेकिन अस्पताल में उस वक्त मौजूद डॉक्टर और कर्मियों ने यह कहते हुए भर्ती करने से इनकार कर दिया कि अस्पताल में पानी नहीं है।
लिहाजा इस वक्त यहां डिलीवरी नहीं कराई जा सकती है और गर्भवती को वापस जाने के लिए कह दिया। प्रभा के परिजन उसे लेकर अस्पताल के नजदीक सुश्रुत ट्रॉमा सेंटर चले गए।
ट्रामा सेंटर में डिलीवरी नहीं कराई जाती लेकिन महिला की हालत को देखते हुए डॉक्टरों ने गर्भवती को वहीं सुरक्षित तरीके से डिलीवरी कराई। डॉक्टरों ने बताया कि एंबुलेंस की मदद से जच्चा-बच्चा को लोकनायक अस्पताल ले जाया गया।
अस्पताल-प्रशासन को सख्त निर्देश
डॉ. सरीन ने बताया कि नवजात बच्ची को लोकनायक के नर्सरी में भर्ती कराया गया है और उसकी हालत खतरे से बाहर है। प्रभा के पति का नाम गुड्डू है और ये लोग संत नगर के रहने वाले हैं।
इस पूरे मामले में दिल्ली नगर निगम के अस्पताल-प्रशासन के निदेशक डॉ. डीके सेठ ने कहा कि नॉर्थ एमसीडी में पानी की किल्लत थी इसलिए अस्पताल-प्रशासन को जल बोर्ड के टैंकर से पानी की व्यवस्था करने के लिए कहा गया था।
शुक्रवार को पानी का टैंकर नहीं आया इसकी वजह से यह दिक्कत आई है। डॉ. सेठ ने कहा कि अस्पताल-प्रशासन को सख्त निर्देश दिए गए हैं कि पानी की सप्लाई न होने पर जल बोर्ड के टैंकर से पानी मंगवाएं मोटर के सहारे अस्पताल में पानी के टैंक को भरें। किसी मरीज को लौटाना बिल्कुल भी सही नहीं है।