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Hindi News ›   Delhi ›   Delhi NCR News ›   Rules for free treatment of EWS patients in private hospitals will be strictly enforced: Health Minister

निजी अस्पतालों में ईडब्ल्यूएस मरीजों के मुफ्त इलाज के नियम सख्ती से लागू होंगे : स्वास्थ्य मंत्री

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Thu, 05 Mar 2026 08:52 PM IST
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-डॉ. पंकज कुमार सिंह ने कहा कि जरूरत पड़ने पर वह स्वयं अस्पतालों का निरीक्षण करेंगे और रिकॉर्ड की जांच करेंगे
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अमर उजाला ब्यूरो

नई दिल्ली।
दिल्ली के स्वास्थ्य मंत्री डॉ. पंकज कुमार सिंह ने स्वास्थ्य सेवा महानिदेशालय (डीजीएचएस) को निर्देश दिए हैं कि दिल्ली के निजी अस्पतालों में आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग (ईडब्ल्यूएस) के मरीजों को मिलने वाले मुफ्त इलाज के नियमों का सख्ती से पालन कराया जाए। उन्होंने कहा कि ईडब्ल्यूएस मरीजों के इलाज में किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं और दोषी पाए जाने पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि जरूरत पड़ने पर वह स्वयं अस्पतालों का निरीक्षण करेंगे और रिकॉर्ड की जांच करेंगे, ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि ईडब्ल्यूएस मरीजों को समय पर उचित चिकित्सा सुविधाएं मिल रही हैं। उन्होंने यह भी कहा कि अस्पतालों की नियमित मॉनिटरिंग की जाएगी और मरीजों से फीडबैक भी लिया जाएगा।



डॉ. पंकज कुमार सिंह ने बताया कि मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता के नेतृत्व में दिल्ली सरकार हर नागरिक को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है। इसी दिशा में ईडब्ल्यूएस मरीजों को प्राथमिकता के आधार पर इलाज सुनिश्चित किया जा रहा है। स्वास्थ्य विभाग के अनुसार वर्ष फरवरी 2025 से जनवरी 2026 के दौरान दिल्ली के निर्धारित निजी अस्पतालों में ईडब्ल्यूएस श्रेणी के तहत 8,74,867 मरीजों को ओपीडी और 57,102 मरीजों को आईपीडी सेवाओं का मुफ्त लाभ मिला। इससे पहले वर्ष अप्रैल 2024 से जनवरी 2025 में 7,23,271 मरीजों ने ओपीडी और 41,900 मरीजों ने आईपीडी के तहत इलाज प्राप्त किया था।
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फिलहाल दिल्ली में चिन्हित 56 प्राइवेट अस्पतालों को ईडब्ल्यूएस श्रेणी के मरीजों के लिए 25 प्रतिशत ओपीडी सेवाएं और 10 प्रतिशत आईपीडी बेड मुफ्त उपलब्ध कराने का प्रावधान है। साथ ही योजना का लाभ अधिक लोगों तक पहुंचाने के लिए आय सीमा को 2.20 लाख रुपये से बढ़ाकर 5 लाख रुपये सालाना किया गया है। सरकार ने पारदर्शिता बढ़ाने के लिए एक ऑनलाइन पोर्टल भी शुरू किया है, जहां ईडब्ल्यूएस मरीज प्राइवेट अस्पतालों में बेड की रियल-टाइम स्थिति देख सकते हैं। इसके अलावा सरकारी और निजी अस्पतालों के बीच रेफरल सिस्टम को भी मजबूत किया गया है और मॉनिटरिंग कमेटी द्वारा नियमित निरीक्षण किए जा रहे हैं।
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