ISIS आतंकी रिजवान: मां ने ही खोले कई राज, बोली- जामिया से की पढ़ाई; एक साल पहले गया था पुणे और करने लगा ये काम
अधिकारिक सूत्रों का कहना है शुरुआती पूछताछ में पता चला है कि रिजवान समेत पुणे मॉड्यूल के इसके सहयोगी आतंकियों ने पिछले साल दिल्ली के कई जगहों पर जंगल में आईईडी बनाकर उसकी टेस्टिंग की थी।
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स्वतंत्रता दिवस से पहले दिल्ली पुलिस को बड़ी कामयाबी मिली है। आतंकी घटना को अंजाम देने के इरादे से दिल्ली के वीवीआईपी इलाकों की रेकी करने वाला आईएसआईएस आतंकी रिजवान अली पुलिस के हत्थे चढ़ गया। दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने पुणे मॉड्यूल के इस आतंकी को तुगलकाबाद से गंगा बक्श मार्ग स्थित बायोडायवर्सिटी पार्क के नजदीक से गुरुवार देर रात गिरफ्तार किया। रिजवान के पास से प्वाइंट 30 बोर की स्टार पिस्टल, तीन कारतूस व दो मोबाइल बरामद किए गए हैं।
पुलिस अधिकारी ने बताया कि रिजवान एनआईए का मोस्टवांटेड आतंकी है और उस पर तीन लाख का इनाम रखा हुआ था। एनआईए, पुणे पुलिस व स्पेशल सेल करीब डेढ़ साल से रिजवान की तलाश कर रही थी। रिजवान के खिलाफ एनआईए में दो मामले दर्ज हैं।
पुलिस अधिकारी ने बताया कि 30 साल का रिजवान अली दरियागंज के फैज बाजार का रहने वाला है। अधिकारिक सूत्रों का कहना है कि शुरुआती पूछताछ में पता चला कि रिजवान अपने साथियों के साथ दिल्ली के कई वीआईपी इलाकां की रेकी कर चुका है। स्वतंत्रता दिवस समारोह के दौरान वह दिल्ली में कोई बड़ी आतंकी हमला करने की साजिश रच रहा था।
पुलिस अधिकारी ने बताया कि आठ अगस्त को सेल को सूचना मिली थी कि इनामी आतंकी रिजवान अली गंगा बक्श मार्ग स्थित बायोडायवर्सिटी पार्क के पास आने वाला है। एसीपी ललित मोहन नेगी के नेतृत्व में सेल की टीम ने रात 11 बजे वहां घेराबंदी कर उसे गिरफ्तार कर लिया। स्पेशल सेल ने इस बाबत एक मामला दर्ज किया है। सेल रिजवान से इस मॉड्यूल में शामिल अन्य आतंकियों के बारे में पूछताछ कर रही है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि रिजवान अली से फिलहाल स्पेशल सेल गहन पूछताछ कर रही है। उसके बाद उसे एनआईए को सौंप दिया जाएगा।
पिछले साल आईईडी बनाकर टेस्टिंग की थी
अधिकारिक सूत्रों का कहना है शुरुआती पूछताछ में पता चला है कि रिजवान समेत पुणे मॉड्यूल के इसके सहयोगी आतंकियों ने पिछले साल दिल्ली के कई जगहों पर जंगल में आईईडी बनाकर उसकी टेस्टिंग की थी। हालांकि, इसको उस वक्त इसमें कामयाबी नहीं मिली। इसके बाद यह पुणे भाग गया था।
आईएसआई के निर्देश पर लश्कर-ए-तैयबा ने की थी भर्ती
रिजवान ने खुलासा किया है कि पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी आईएसआई के निर्देश पर पाकिस्तानी आतंकी संगठन लश्कर-ए-तैयबा ने इस मॉड्यूल के आतंकियों की आईएसआईएस के लिए काम करने की बात कहकर इनकी ऑनलाइन भर्ती की थी। इस मॉड्यूल के सात आतंकियों की अब तक गिरफ्तारी हो चुकी है। उसने बताया कि हैदराबाद के कुरमागुडा का रहने वाला फरहतुल्ला गौरी पिछले कई साल ने पाकिस्तान में छिपा है। लश्कर ने उसे अपना हैंडलर बनाया है। हैंडलर फरहतुल्ला गौरी व शाहिद फैसल ने आईएसआई के निर्देश पर आईएसआईएस के लिए पुणे मॉड्यूल की ऑनलाइन भर्ती की थी। ऐसा इसलिए किया था ताकि आतंकी हमले के बाद पाकिस्तान की जगह आईएसआईएस का नाम सामने आए।
एक साल पहले पुणे गया था रिजवान
आईएसआईएस के पुणे मॉड्यूल का आतंकी रिजवान अली एक साल पहले पुणे गया था। उसका परिवार दरियागंज इलाके में फैज रोड पर रहता है। रिजवान की मां शाहीन का कहना है कि रिजवान ने एक साल पहले अल्फिया नाम की युवती से शादी की, उसके बाद वह पत्नी के साथ पुणे में कारोबार करने की बात कहकर चला गया था।। उसने वहां कंप्यूटर के पुर्जों का कारोबार करने की बात कही थी। उन्होंने बताया कि उससे बीच-बीच में फोन पर बात होती थी। जब से उसके आतंकियों से जुड़े होने की खबर सुनी है तब से यकीन नहीं हो रहा है कि वह ऐसा कोई काम कर सकता है।
रिजवान ने जामिया से 2012 में बारहवीं की परीक्षा दी थी। उसके बाद उसने आगे की पढ़ाई छोड़कर छोटा-मोटा काम शुरू कर दिया। रिजवान पांच भाई बहनों में सबसे बड़ा है। उसके तीन भाई और दो बहनें हैं। रिजवान के पिता अब्दुल हाजी सरकारी कर्मचारी रहे हैं। रिजवान की मां ने बताया कि दो साल पहले पुलिस ने किसी मामले में रिजवान से पूछताछ की थी, हालांकि बाद में पुलिस ने उसे छोड़ दिया था।