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Hindi News ›   Delhi ›   Delhi NCR News ›   Revenue districts and MCD zones will operate under the same name and administrative identity.

Delhi NCR News: राजस्व जिले और एमसीडी जोन एक ही नाम और प्रशासनिक पहचान से करेंगे काम

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Tue, 21 Jul 2026 08:18 PM IST
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केंद्र ने एमसीडी अधिनियम में संशोधन कर 250 वार्डों की नई जोनल सूची की अधिसूचित
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अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। दिल्ली में राजस्व जिले और नगर निगम जोन अलग-अलग नाम से नहीं बल्कि एक समान प्रशासनिक पहचान के साथ काम करेंगे। केंद्र सरकार ने दिल्ली नगर निगम अधिनियम, 1957 की चौदहवीं अनुसूची में संशोधन कर निगम के 12 जोन के नाम नए राजस्व जिला नामकरण के अनुरूप कर दिए हैं। इनमें बाहरी उत्तर, उत्तर, उत्तर-पश्चिम, मध्य उत्तर, पुरानी दिल्ली, मध्य, पश्चिम, दक्षिण-पश्चिम, दक्षिण-पूर्व, दक्षिण, पूर्व और उत्तर-पूर्व के नाम से सूचीबद्ध किए गए हैं।सरकार का कहना है कि इससे विभागों के बीच समन्वय बेहतर होगा, प्रशासनिक भ्रम खत्म होगा और लोगों तक सरकारी सेवाएं अधिक सरल तरीके से पहुंचेंगी।

अब तक कई मामलों में राजस्व विभाग और नगर निगम के क्षेत्रीय नाम अलग होने से लोगों और विभागों के बीच भ्रम की स्थिति रहती थी। किसी इलाके की पहचान राजस्व रिकॉर्ड में अलग नाम से होती थी, जबकि नगर निगम के रिकॉर्ड में उसका जोन अलग नाम से दर्ज रहता था।
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दिसंबर 2025 के फैसले को मिला कानूनी आधार
दिल्ली सरकार ने 25 दिसंबर 2025 को राजस्व प्रशासन में बदलाव करते हुए 39 उपमंडल और 13 राजस्व क्षेत्र बनाए थे। उसी समय इन क्षेत्रों का निर्धारण नगर निगम, एनडीएमसी और दिल्ली छावनी की प्रशासनिक संरचना को ध्यान में रखकर किया गया था। अब केंद्र सरकार ने निगम अधिनियम में संशोधन कर नगर निगम के जोन के नाम भी उसी व्यवस्था के अनुरूप कर दिए हैं, जिससे दोनों प्रशासनिक ढांचे औपचारिक रूप से एक समान हो गए हैं।
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लोगों और विभागों को क्या लाभ
सरकार का मानना है कि एक समान नामकरण से नागरिकों को यह समझने में आसानी होगी कि उनका इलाका किस प्रशासनिक क्षेत्र में आता है। वहीं राजस्व विभाग, नगर निगम और अन्य सरकारी एजेंसियों के बीच समन्वय बेहतर होगा। योजनाओं के काम, क्षेत्रीय स्तर पर निगरानी, रिकॉर्ड के मिलान और विभिन्न विभागों के बीच सूचनाओं के आदान-प्रदान की प्रक्रिया अधिक सरल और प्रभावी बनने की उम्मीद है।

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यह कदम दिल्ली में प्रशासनिक व्यवस्था को अधिक स्पष्ट, सुगम और जन-केंद्रित बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण है। इससे सुशासन को मजबूती मिलेगी और नागरिकों तक सरकारी सेवाएं पहले से अधिक व्यवस्थित तरीके से पहुंच सकेंगी। -रेखा गुप्ता, मुख्यमंत्री
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आदित्य पाण्डेय
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