स्वास्थ्य मंत्री से मिले हड़ताली डॉक्टर, दोपहर तक हो सकता है हड़ताल खत्म करने का एलान
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Health Minister Dr. Harsh Vardhan: I met doctors and cleared their misunderstandings over some provisions of bill.Have explained to them that this bill is in nation's interest&in interest of doctors and patients.Appealed to them to end their protest #NationalMedicalCommissionBill pic.twitter.com/xf867ZzBoV
— ANI (@ANI) August 2, 2019विज्ञापन
हालांकि इस विषय में डॉक्टरों की तरफ से कोई बात नहीं आई है। माना जा रहा है कि आज दोपहर तक डॉक्टर अपनी हड़ताल खत्म कर सकते हैं। जब तक कोई घोषणा नहीं होती तब तक दिल्ली के किसी भी सरकारी अस्पताल में रेजीडेंट डॉक्टर काम नहीं करेंगे और मरीजों को इलाज के लिए भटकना पड़ेगा। इतना ही नहीं डॉक्टरों ने आपातकालीन विभाग में भी सेवाएं देने से साफ इंकार कर दिया है। उनका कहना है कि शुक्रवार को भी ओपीडी सहित आपातकालीन सेवांए बंद रहेंगी।
बैठक के दौरान हड़ताल को लेकर डॉक्टर दो गुट में नजर आए। सूत्रों का कहना है कि अभी तक ये हड़ताल चिकित्सीय पेशे को बचाने के लिए थे लेकिन अब ये राजनीतिक रूप लेती जा रही है। बताया जा रहा है कि हड़ताल में कुछ ऐसे भी डॉक्टर समर्थन में उतर आए हैं जोकि राजनीतिक पार्टियों की चिकित्सीय विंग के सदस्य भी हैं।
बहरहाल हड़ताल पर बैठे डॉक्टरों से जब पूछा गया कि बिल दोनों सदन में पास होने के बाद अब हड़ताल का क्या औचित्य रह जाता है? डॉक्टरों ने जबाव नहीं दिया। उन्होंने बस इतना कहा कि शुक्रवार सुबह नौ बजे एम्स सभागार में सभी हड़ताली डॉक्टर आगे की रूपरेखा तैयार करेंगे।
डॉक्टरों की अनिश्चितकालीन हड़ताल से जाहिर है कि अगले कुछ दिन दिल्ली के अस्पतालों में हालात सामान्य नहीं रहेंगे। गुरूवार को हड़ताल से बिगड़ी स्वास्थ्य सेवा को दुरूस्त करने में सरकार के इंतजाम भी नाकाफी नजर आ चुके हैं।
इस दौरान रेजीडेंट डॉक्टर काम नहीं करेंगे। फेडरेशन ऑफ रेजीडेंट डॉक्टर एसोसिएशन (फोरडा) के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. सुमेध ने बताया कि डॉक्टर होने के बावजूद केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री हर्षवर्धन ने डॉक्टरों का दर्द नहीं समझा।
उन्होंने कहा, जबतक सरकार बिल में बदलाव नहीं करती, उनका धरना प्रदर्शन जारी रहेगा। राम मनोहर लोहिया, सफदरजंग अस्पताल, लेडी हार्डिंग और लोकनायक अस्पताल समेत कई अस्पतालों में हड़ताल रहेगी।