MAX अस्पताल को राहत मिलने के बाद भी इन परेशानियों का करना पड़ रहा सामना
शालीमार बाग स्थित मैक्स अस्पताल को अपीलीय प्राधिकरण से राहत मिलने के खिलाफ दूसरे दिन भी मृतक बच्चों के परिजनों का धरना जारी रहा। बृहस्पतिवार को परिजनों ने मामले की सीबीआई जांच की मांग की है।
वहीं, प्राधिकरण से मंजूरी लेने के बाद बुधवार को मैक्स अस्पताल की ओपीडी शुरू हुई। प्रबंधन के अनुसार, बुधवार को ओपीडी में 218 मरीजों का उपचार किया गया है। हालांकि प्राधिकरण के लिखित आदेश पर प्रबंधन अभी भी खामोश है।
लेकिन सूत्रों से पता चला है कि प्राधिकरण ने ये राहत 9 जनवरी को होने वाली अगली सुनवाई तक दी है। कुछ समय पहले मैक्स अस्पताल में जिंदा नवजात शिशु को मृत बताकर परिजनों को सौंप दिया गया था।
इस घटना को लेकर दिल्ली सरकार ने स्वास्थ्य विभाग से जांच कराई, जिसमें ईडब्ल्यूएस के तहत कई खामियां भी पाई गईं। इसके बाद अस्पताल का लाइसेंस रद्द कर दिया गया।
प्राधिकरण के समक्ष जाएंगे परिजन
इसी फैसले को अपीलीय प्राधिकरण में चुनौती देने के बाद बुधवार सुबह मैक्स अस्पताल ने राहत मिलने का दावा करते हुए अस्पताल की सेवाओं को फिर शुरू कर दिया।
इससे नाराज मृतक बच्चों के दादा कैलाश सिंह ने कहा कि अस्पताल को राहत मिलने के बाद उनका विश्वास उठ गया है। अब वे अपने बच्चों को न्याय दिलाने के लिए हाईकोर्ट जाएंगे। इसके लिए उन्होंने एक वकील से चर्चा भी कर ली है।
वहीं, कैलाश सिंह का आरोप है कि बुधवार से वे अपने परिजनों के साथ अस्पताल के बाहर शांतिपूर्वक धरने पर बैठे हैं। इसके बाद भी दिल्ली पुलिस उन्हें वहां से हटने का दबाव बना रही है।
परिजनों का कहना है कि वे मैक्स अस्पताल को राहत देने वाले अपीलीय प्राधिकरण के समक्ष जाने को तैयार हैं। अगली सुनवाई में अगर प्राधिकरण उन्हें नहीं बुलाता है तो उनके पास अगला विकल्प दिल्ली हाईकोर्ट है।