फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Delhi ›   Delhi NCR News ›   reform in commissioner system will improve law and order of noida

नए थाने बनाने से नहीं, इस कदम से सुधरेगी नोएडा की कानून व्यवस्था

Thu, 06 Apr 2017 04:25 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, नोएडा
ब्यूरो/अमर उजाला, नोएडा Updated Thu, 06 Apr 2017 04:25 PM IST
विज्ञापन
reform in commissioner system will improve law and order of noida
पु‌लिस - फोटो : अमर उजाला

नोएडा की कानून व्यवस्था को पुख्ता करने के लिए जिला पुलिस ने नोएडा में छह नए थाने बनाने का प्रस्ताव तैयार किया है। नए थानों का प्रस्ताव पिछली सरकार में ही शासन को भेज दिया गया था। इसके अलावा पुलिस चौकियों की भी संख्या बढ़ाई जा रही है।

विज्ञापन


हालांकि लोगों को नए थानों की अपेक्षा कमिश्नरी प्रणाली लागू होने से सुधार की ज्यादा उम्मीद है। पिछले दिनों फोनरवा संग हुई बैठक में डीजीपी जावीद अहमद ने भी नोएडा में कमिश्नरी प्रणाली लागू करने का आश्वासन दिया है, जिससे लोगों की उम्मीद बढ़ी है।
विज्ञापन


नोएडा में एक सप्ताह में लूट व झपटमारी की कई घटनाएं हो चुकी हैं। साइबर ठगी और नौकरी के नाम पर धोखाधड़ी जैसी वारदातें भी यहां आम हैं। औद्योगिक नगरी में उद्योगों की सुरक्षा भी कई बार खतरे में पड़ चुकी है। इन सबकी वजह अपर्याप्त पुलिस बल है।
विज्ञापन
विज्ञापन


फोनरवा अध्यक्ष एनपी सिंह के अनुसार, डीजीपी संग हुई बैठक में नोएडा में कमिश्नरी प्रणाली लागू करने विशेष जोर दिया गया था। फोनरवा समेत अन्य सामाजिक संगठन लंबे समय से नोएडा में पुलिस कमिश्नरी सिस्टम लागू करने की मांग करते रहे हैं। सूबे में नई सरकार और डीजीपी के आश्वासन से हमें काफी उम्मीदें हैं।

पूर्व डीजीपी भी कमिश्नरी प्रणाली को अनिवार्य मानते हैं

reform in commissioner system will improve law and order of noida
यूपी पुलिस - फोटो : प्रतीकात्मक चित्र

नोएडा के सेक्टर 15ए निवासी यूपी के पूर्व डीजीपी प्रकाश सिंह भी कई बार नोएडा में पुलिस कमिश्नरी प्रणाली लागू करने को अनिवार्य बता चुके हैं। उनके अनुसार एनसीआर के अन्य शहरों में कमिश्नरी सिस्टम पहले से लागू है। ऐसे में बेहतर तालमेल और पुलिस बल की कमी दूर करने के लिए कमिश्नरी सिस्टम अनिवार्य है।

पहले भी नए थानों से नहीं बढ़ी फोर्स
तीन वर्ष पहले भी नोएडा में दो नए थाने फेज तीन और एक्सप्रेसवे बनाए गए। तब भी उम्मीद की जा रही थी कि इससे जिले में अतिरिक्त पुलिस बल मिलेगा। नए थाने खुलने के बाद कुछ पुलिस बल अन्य जिलों से मिला भी, लेकिन इनकी संख्या इतनी कम थी कि उससे कानून व्यवस्था में कोई खास सुधार नहीं हुआ।

खाली रहती हैं पुलिस चौकी और पीसीआर
नोएडा में पुलिस बल की कमी का अंदाजा इससे लगाया जा सकता है कि शहर की बहुत सी पुलिस चौकियों पर प्रभारी के अलावा केवल दो-तीन सिपाही ही हैं। यही वजह है कि पुलिस चौकियों पर ताला लटका होना अक्सर मीडिया की सुर्खियां बनता है। पुलिस की पीसीआर वैन का भी यही हाल है। ज्यादातर पीसीआर वैन में एक यो दो पुलिसकर्मी ही मौजूद रहते हैं। कई बार आपात स्थिति में इनके लिए तत्काल मौके पर पहुंच स्थिति को नियंत्रित करना संभव नहीं होता है।

ये छह नए थाने बनने हैं नोएडा में

reform in commissioner system will improve law and order of noida
प्रतीकात्मक च‌ित्र

फेज एक : थाना सेक्टर-20 के क्षेत्र को काटकर ये नया थाना बनाया जाएगा।
सेक्टर-105 : थाना सेक्टर-39 के क्षेत्र को काटकर ये नया थाना बनना है।
ओखला : एक्सप्रेसवे थाने के क्षेत्र को काटकर इस नए थाने में शामिल किया जाएगा।
सेक्टर-142 : सूरजपुर थाने के क्षेत्र को काटकर ये नया थाना बनाया जाना है।
सेक्टर-115 : थाना सेक्टर-49 के क्षेत्र को काटकर इस नए थाने में शामिल किया जाएगा।
सेक्टर-63 : फेज तीन थाना क्षेत्र के औद्योगिक सेक्टरों को काटकर ये नया थाना बनना है।
(इन नए थानों में औसतन 70-80 पुलिसकर्मी तैनात होंगे। पुलिस अधिकारी इससे पुलिस बल बढ़ने की उम्मीद जता रहे हैं।)

कमिश्नरी प्रणाली का लाभ
- एडीजी स्तर का अधिकारी पुलिस कमिश्नर होगा।
- इससे आईपीएस और पीपीएस सहित अन्य पुलिसकर्मियों की भी संख्या बढ़ेगी।
- पुलिस को कई तरह के प्रशासनिक अधिकार मिलेंगे जिससे उनका काम आसान होगा।
- पुलिस को व्यवस्था दुरुस्त करने के लिए अलग से बजट मिलेगा।
- कमिश्नरी प्रणाली में अपराध पर नियंत्रण के लिए अलग-अलग विंग होगी।
- एनसीआर के अन्य शहरों में पहले से कमिश्नरी होने की वजह से तालमेल बेहतर होगा।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed