दिल्ली के लिए केन्द्र से मिला 3250 करोड़ का तोहफा
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केंद्रीय शहरी विकास मंत्री वेंकैया नायडू ने स्वच्छ दिल्ली अभियान का शुभारंभ करने के साथ ही दिल्ली के चौराहों पर भीड़भाड़ कम करने और विकास के लिए 3250 करोड़ रुपये शहरी विकास मंत्रालय के फंड से दिए जाने की घोषणा की।
इसमें दिल्ली सरकार, उत्तरी एमसीडी और डीडीए शामिल है। नायडू ने कहा कि दिल्ली सरकार और एमसीडी ने मिलकर दिल्ली को बेहतर बनाने का फैसला किया है।
इसे देखते हुए शहरी विकास फंड में से दिल्ली सरकार को 1500 करोड़ रुपये सड़क, फ्लाईओवर, अंडरपास बनाकर या सड़क सुधार करके चौराहों की भीड़ कम करने के लिए देंगे।
इनका चयन एमसीडी, दिल्ली पुलिस और पीडब्ल्यूडी मिलकर करेंगे। शहरी विकास मंत्री ने रानी झांसी रोड (सेंट स्टीफेन अस्पताल से फिल्मीस्तान) के ग्रेड सेपरेटर के बचे हुए कार्य को पूरा कराने के लिए 85 करोड़ रुपये उत्तरी एमसीडी को दिए जाने की घोषणा की। इसके बनने से करोल बाग से उत्तरी दिल्ली का सफर 10 मिनट में पूरा होगा।
इन सब मामलों के लिए मिला है फंड
डीडीए को होलंबी कला और मुंडका में अर्बन ईस्टर्न रोड पर रोड ओवर ब्रिज बनाने के लिए 615 करोड़, आउटर रिंग रोड की राह आसान करने के लिए नरेला के पास रोड ओवर ब्रिज बनाने के लिए 400 करोड़, भाग्य विहार और मीर विहार में आउटर रिंग रोड पर डेढ़ किमी का सुरंग बनाने के लिए 300 करोड़, द्वारका एक्सप्रेसवे पर 3.5 किमी सड़क के लिए 350 करोड़ दिए जाने की घोषणा की।
वहीं दूसरी तरफ डीडीए और एमसीडी के बीच चल रहे प्रॉपर्टी टैक्स का विवाद सुलझने तक डीडीए उत्तरी एमसीडी को 8.7 करोड़, दक्षिण एमसीडी को 6.8 करोड़ और पूर्वी एमसीडी को 3.20 करोड़ रुपये देगी।
इस घोषणा के साथ वेंकैया नायडू ने उम्मीद जताई कि एमसीडी और डीडीए के बीच विवाद जल्द सुलझ जाएंगे, दोनों जगह आईएएस अधिकारी हेड करते हैं।