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जानिए कैसे पुराने नोट पर प्रतिबंध के बाद पूरा होगा गरीब के घर का सपना
संतोष कुमार/अमर उजाला, नई दिल्ली
Updated Thu, 10 Nov 2016 09:28 AM IST
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- फोटो : Demo pic
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500 व 1000 रुपये के नोट बंद होने से रियल एस्टेट सेक्टर पर भी असर पड़ेगा। विशेषज्ञों के अनुसार अनधिकृत कॉलोनियों के मकानों, गांव की जमीन व सेकेंडरी बाजार में बिकने वाले फ्लैट्स की कीमत में गिरावट आएगी।
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इसकी बड़ी वजह इस तरह के खरीद-फरोख्त में ब्लैक मनी पर रोक लगना है। वहीं, सुस्त पड़े प्राइमरी रियल एस्टेट सेक्टर को फायदा मिलने की संभावना है। दरअसल, रियल एस्टेट सेक्टर का कारोबार दो तरह से होता है। पहला फ्लैट का इस्तेमाल करने वाले सीधे डेवलपर से खरीद-फरोख्त (प्राइमरी रियल एस्टेट सेक्टर) करते हैं।
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इसमें नगदी का बड़ा हिस्सा हाऊसिंग बैंक लोन के जरिए आता है। जानकार बताते हैं कि इस तरह के लेन-देन में ब्लैक मनी का इस्तेमाल नहीं होता था। केंद्र सरकार के फैसले से ब्लैक मनी कम होगी। इससे मुद्रा की तरलता बढ़ेगी। बाजार में ज्यादा नगदी आने से ब्याज दरों में गिरावट आएगी। इससे प्राइमरी सेक्टर में खरीद-फरोख्त बढ़ने की उम्मीद है।
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असल दिक्कत रियल एस्टेट के सेकेंडरी बाजार में आ सकती है। यहां फ्लैट या मकान का इस्तेमाल करने वाले निवेशकों से खरीददारी करते हैं। इसमें तीस फीसदी तक गिरावट का अनुमान है। खासकर वहां, जब मार्केट रेट की तुलना में सर्किल रेट काफी कम है। अनधिकृत कालोनियों और गांव की जमीन पर बने फ्लैट भी इससे सस्ते होंगे।
जानकार बताते हैं कि इस तरह की खरीद-फरोख्त में ब्लैक मनी ज्यादा लगी होती है। सरकार के फैसले का बड़ा असर इसी बाजार पर पड़ेगा। इसमें तीस फीसदी तक की गिरावट आ सकती है। पिछले दो सालों से वैसे भी रियल एस्टेट सेक्टर में मंदा चल रहा है।
प्राइमरी सेक्टर के डेवलपर के लिए राहत
केंद्र सरकार का फैसला हम जैसे प्राइमरी सेक्टर के डेवलपर के लिए राहत भरा है। पहले से सुस्त पड़े इस क्षेत्र में बढ़ोतरी हो सकती है। लेकिन सेकेंडरी सेक्टर पर इसका बुरा असर पड़ेगा। इसकी वजह यह है कि अब कैश में पेमेंट की गुंजाइश नहीं रह गई है। इससे निवेशक बाजार से बाहर जाएगा।-मनोज गौड़, गौरसन इंडिया लिमिटेड
जानकार बताते हैं कि इस तरह की खरीद-फरोख्त में ब्लैक मनी ज्यादा लगी होती है। सरकार के फैसले का बड़ा असर इसी बाजार पर पड़ेगा। इसमें तीस फीसदी तक की गिरावट आ सकती है। पिछले दो सालों से वैसे भी रियल एस्टेट सेक्टर में मंदा चल रहा है।
प्राइमरी सेक्टर के डेवलपर के लिए राहत
केंद्र सरकार का फैसला हम जैसे प्राइमरी सेक्टर के डेवलपर के लिए राहत भरा है। पहले से सुस्त पड़े इस क्षेत्र में बढ़ोतरी हो सकती है। लेकिन सेकेंडरी सेक्टर पर इसका बुरा असर पड़ेगा। इसकी वजह यह है कि अब कैश में पेमेंट की गुंजाइश नहीं रह गई है। इससे निवेशक बाजार से बाहर जाएगा।-मनोज गौड़, गौरसन इंडिया लिमिटेड
एक सप्ताह में फैसले का असर दिखेगा
एक हफ्ते में साफ हो जाएगा कि केंद्र सरकार के फैसले का रियल एस्टेट सेक्टर पर क्या असर पड़ेगा। रि-सेल प्रापर्टी में गिरावट आएगी, लेकिन प्राइमरी मार्केट पर इसका ज्यादा असर नहीं पड़ेगा। सीधा बिल्डर के पास खरीददार के पहुंचने से हमें लगता है कि प्राइमरी सेक्टर में खरीद-फरोख्त बढ़ेगी। हम इस फैसले को अच्छा मान रहे हैं। -गौरव जैन, जिंदल प्रॉपर्टी
रिसेल प्रापर्टी पर असर पड़ेगा
रिसेल प्रापर्टी पर इस फैसले का असर पड़ेगा। इस सेक्टर में अब कैश पेमेंट बंद हो जाएगी। खास तौर से उन इलाकों में, जहां बाजार दरें सेक्टर दरों से ज्यादा हैं। इसका सीधा फायदा खरीददार को मिलेगा।-योगेश शर्मा, भगवती प्रॉपर्टी (रियल एस्टेट सेक्टर के खरीद-फरोख्त से जुड़े)
रिसेल प्रापर्टी पर असर पड़ेगा
रिसेल प्रापर्टी पर इस फैसले का असर पड़ेगा। इस सेक्टर में अब कैश पेमेंट बंद हो जाएगी। खास तौर से उन इलाकों में, जहां बाजार दरें सेक्टर दरों से ज्यादा हैं। इसका सीधा फायदा खरीददार को मिलेगा।-योगेश शर्मा, भगवती प्रॉपर्टी (रियल एस्टेट सेक्टर के खरीद-फरोख्त से जुड़े)