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सलमान को एक स्टार की खुली चिट्ठी, क्या दबंग देंगे जवाब

Thu, 07 May 2015 03:48 PM IST
Updated Thu, 07 May 2015 03:48 PM IST
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Ravish kumar wrote letter to salman khan

दिल्ली विधान सभा चुनाव से ठीक पहले इन्होंने किरण बेदी का एक इंटरव्यू लिया और उसकी चर्चा कुछ ऐसी और इतनी हुई कि किरण बेदी के लाख कहने और प्रचार के बाद भी उनकी छवि और सीट को दिल्ली में बचाना नामुमकिन हो गया।

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असल में यह इंटरव्यू एनडीटीवी के पत्रकार रवीश कुमार ने लिया था। इसके बाद इसकी चर्चा देश ही नहीं दुनिया के कुछ बड़े अखबारों में भी हुई। पिछले दो दिन से देश भर में सलमान खान और कोर्ट में उनकी सुनवाई का मामला सुर्खियों में है।
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बुधवार को जब मुंबई के सेशन कोर्ट ने उन्हें पांच साल की सजा सुनाई तो पूरे देश में हंगामा मच गया। हालांकि शाम होते-होते उन्हें जमानत भी मिल गई लेकिन रवीश कुमार ने इस पूरे मामले पर बॉलीवुड के दबंग सलमान खान को एक खुला पत्र लिखा।
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उनका यह पत्र सलमान खान से कई सवाल पूछता है और एक दर्शक व फैन के तौर पर उन्हें कुछ सलाह भी देता है। बेहद भावनात्मक लहजे में लिखे गये इस पत्र की कुछ खास बातें इस प्रकार हैं...

इस तरह आपकी फिल्में मेरे जीवन का हिस्सा बन गईं

Ravish kumar wrote letter to salman khan

रवीश ने अपने पत्र में लिखा कि 1989 की एक दोपहर वह पटना के एक सिनेमाहॉल से मैंने प्यार किया फिल्म देखकर बाहर निकले। इससे एक साल पहले उन्होंने आमिर खान की फिल्म कयामत से कयामत तक देखी थी।

इन दोनों फिल्मों को देखने का फैसला उन्होंने यूं ही किया था। लेकिन इन दो फिल्मों और दो साल में उन्हें दो हीरो मिल गए। इसके बाद सलमान आपकी फिल्में मेरे जीवन का हिस्सा बन गईं।

1991 में आपकी फिल्म साजन आई। उस वक्त मैं दिल्ली आ गया था। उस वक्त तक आप बेहद सौम्य दिखते थे। आप बोलने में संकोच करते थे और जब आप बोल नहीं पाते थे तो आपके हाव भाव बोलते थे। आप ईमानदार दिखते थे और आपमें ठहराव दिखता था।

गोविंदा के बाद आप हैं सबसे बड़े स्टार

Ravish kumar wrote letter to salman khan

1994 में आपकी फिल्म हम आपके हैं कौन आई। यह फिल्म मुझे बहुत पसंद आई। यह मैंने प्यार किया जैसी ही थी और बागबां भी इसी तरह की पारिवारिक फिल्म थी।

बाद में जब बागबां की आलोचना हुई तो मुझे पता चला कि ये फिल्म कोई खास असर नहीं छोड़ पाई है। तब मुझे पता चला कि मेरे जैसे दर्शन फिल्म देखने जाते वक्त कितन भावुक हो जाते हैं और भावनाओं में बह कर फिल्मों के बारे में फैसला ले बैठते हैं।

लेकिन इन फिल्मों से भावनात्मक लगाव के चलते ही आप मेरे हीरो बन चुके थे। हिंदी सिनेमा में गोविंदा के बाद आप दूसरे ऐसे स्टार थे जिसके चाहने वाले इतनी बड़ी संख्या में थे।

आमिर-शाहरुख तक को किया मजबूर

Ravish kumar wrote letter to salman khan

रवीश ने अपने पत्र में लिखा है कि उन्होंने सलमान की बहुत सी फिल्में देखी हैं। उनकी फिल्मों ने उन्हें प्रभावित नहीं किया लेकिन सलमान ने उन्हें बेहद प्रभावित किया। कई बार तो मैंने आपकी फिल्में इसलिए देखीं क्योंकि उसने 100 करोड़ का बिजनेस किया था।

रवीश ने लिखा कि शायद आपकी फिल्म वांटेड से प्रभावित हो कर ही आमिर खान ने गजनी और शाहरुख खान जैसे रोमांटिक हीरो ने अपना अंदाज बदला और गजनी व चेन्नई एक्सप्रेस जैसी फिल्में बनाने पर मजबूर हुए।

ऐसा लगने लगा जैस हर कोई बॉक्स ऑफिस का सलमान खान बनने के लिए बेताब है। तब तक आपकी दबंग हिट हो चुकी थी और एक थियेटर संचालक ने मुझे बताया कि सलमान की फिल्म आने के हफ्ते भर पहले ही लोग पूछताछ करने लगते हैं।

'सलमान भी अपने आप को बदलें'

Ravish kumar wrote letter to salman khan

आप फ्रंट स्टॉल के नंबर वन हीरो हैं जो लोगों के दिल के रास्ते दिमाग में जगह बनाते हैं। लेकिन सलमान भाई आज आप दोषी करार दिए गए हैं। हम सब को अपने छोटे-बड़े गुनाहों के लिए सजा मिलती है।

मैं चाहता हूं कि सलमान भी अपने आप को बदले एक रियल हीरो की तरह। उन लोगों के लिए जो आपकी कार के नीचे आने से प्रभावित हुए। कोर्ट जो सजा सुनाती है वह असल सजा नहीं है।

कोर्ट तो ऐसा सिर्फ इसलिए करती है ताकि समाज में व्यवस्‍था बनी रही और लोग कानून का पालन करते रहें। रवीन ने अपने लेख की आखिरी चंद लाइनों में सलमान को सलाह देते हुए लिखा है कि सलमान भाई आज से आप हर उस क्षण को गिनना शुरु करें जो आपने मिस किए हैं।

'फिर मैं टिकट काउंटर पर खड़ा मिलूंगा'

Ravish kumar wrote letter to salman khan

मैं जानता हूं कि असल जीवन में आप यारों के यार हैं और उनकी मदद करते हैं जिन्हें इसकी जरूरत होती है। लेकिन कई बार जीवन में की गई एक गलती हमारी सारी अच्छाइयों पर भारी पड़ जाती है।

रवीश ने अपनी चिट्ठी मे लिखा कि मैं दुखी हूं कि मेरा हीरो जेल जा रहा है। लेकिन मैं उसके लिए भी दुखी हूं जिसकी वजह से आप जेल जा रहे हैं। इस वक्त में पश्चाताप करने का एक तरीका यह भी है कि आप खुद को उन लोगों से दूर कर लें जिन्होंने आपको निर्दोष साबित करने का वादा किया था।

अंत में रवीश ने सलमान खान से गुजारिश करते हुए लिखा है कि आपके पास आगे की अदालतों में अपील करने का रास्ता खुला हुआ है। आपको इसका इस्तेमाल भी करना चाहिए लेकिन ऐसा आप तभी करें जब आपको लगता हो कि आप निर्दोष हैं।

अदालत में की गई जिरह आपकी गलतियों को सुधार नहीं सकतीं। इसलिए बेहतर होगा कि आप अपने अंदर की बात सुनें। अगर आप फिर से एक सच्चे दिल के साथ बाहर आते हैं तो आप पाएंगे कि मैं आपकी फिल्म का टिकट लेने के लिए टिकट काउंटर पर खड़ा हूं। ठीक वैसे ही जैसे 1989 में मैं लाइन में खड़ा था।

साभार: ndtv.com

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