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Delhi: घर गिरने के बाद परिवार संग फुटपाथ पर सोये वकील हसन, कहा- अब रात को एक चुनौती के रूप में कर लिया स्वीकार
Fri, 01 Mar 2024 02:24 PM IST
श्याम जी.
पीटीआई, दिल्ली
पीटीआई, दिल्ली
Published by: श्याम जी.
Updated Fri, 01 Mar 2024 02:24 PM IST
सार
घर गिरने के बाद रैट माइनर वकील हसन ने अपनी दूसरी रात अपने परिवार के साथ फुटपाथ पर गुजारी। दिल्ली विकास प्राधिकरण ने उन्हें दूसरा घर देने की बात कही, जिसे वकील हसन ने अस्वीकार कर दिया। वकील हसन ने कहा कि यह केवल मौखिक आश्वासन था।
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वकील हसन का परिवार
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
रैट माइनर वकील हसन ने घर गिरने के बाद फुटपाथ पर रह रहे हैं। घर के बाद वकील हसन और उनके परिवार ने दूसरी रात फुटपाथ पर बिताई। दिल्ली विकास प्राधिकरण ने उन्हें दूसरा घर देने की बात कही, जिसे वकील हसन ने अस्वीकार कर दिया। वकील हसन ने शुक्रवार को कहा, 'मैं और मेरा परिवार खुले में रात गुजार रहे हैं। कुछ स्थानीय लोग हमें भोजन और पानी आदि मुहैया करा रहे हैं। हमने अब रात को एक चुनौती के रूप में स्वीकार कर लिया है।
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वकील हसन ने कहा कि परिवार को अब तक सरकार से कोई मदद नहीं मिली है। हसन खनिकों की उस टीम का हिस्सा थे, जिन्होंने पिछले साल नवंबर में उत्तरकाशी की सिल्क्यारा सुरंग के मलबे में मैन्युअल ड्रिलिंग करके फंसे 41 श्रमिकों को बचाया था। पूर्वोत्तर दिल्ली के खजूरी खास स्थित उनके घर को डीडीए ने बुधवार को तोड़फोड़ अभियान में ढहा दिया। उन्होंने गुरुवार को बताया कि डीडीए अधिकारियों ने उनसे कहा था कि उन्हें एक घर मुहैया कराया जाएगा, लेकिन उन्होंने इस प्रस्ताव को अस्वीकार कर दिया। क्योंकि यह केवल मौखिक आश्वासन था।
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बाद में दिन में उन्होंने मांग की कि उनके घर का पुनर्निर्माण उसी जमीन पर किया जाए और उनकी मांग पूरी नहीं होने पर भूख हड़ताल पर जाने की धमकी दी। जबकि हसन का दावा है कि उसके घर को बिना किसी सूचना के ध्वस्त कर दिया गया था। डीडीए ने कहा है कि उसे अपने घर की अतिक्रमण की स्थिति के बारे में पता था, क्योंकि इसे पहले 2016 में हटा दिया गया था और 2017 में भूमि पर फिर से अतिक्रमण किया गया था। डीडीए ने कहा कि एक प्राधिकरण के रूप में अपनी भूमिका में वह अपनी भूमि पर अतिक्रमण या अपने विकास क्षेत्रों में अनधिकृत निर्माण की अनुमति नहीं दे सकता है।
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