एक दिन बाद ही सवालों में घिरा राजकुमार एनकाउंटर
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दिल्ली पुलिस के रोहतक में राजकुमार एनकाउंटर पर सवालिया निशान लग गया है। पुलिस का कहना है कि राजकुमार ने छावला के उद्यमी रामलाल त्यागी का अपहरण किया था। वह उससे 20 लाख की फिरौती मांगने की फिराक में था।
जबकि एफआईआर के मुताबिक, अपहरण करने से पहले राजकुमार ने रामलाल के साथ बैठकर शराब पी थी। अब पुलिस इस बात की जांच कर रही है कि राजकुमार ने अपहरण किया था या फिर केवल ड्रामा हुआ था।
चप्पल की फैक्टरी चलाने वाले रामलाल के नौकर कृष्ण (24) ने 7 जुलाई की दोपहर पौने दो बजे छावला थाने में एफआईआर दर्ज कराई थी। जिसमें उसने कहा कि 6 जुलाई की शाम रामलाल की सारिका विहार स्थित चप्पल की फैक्टरी में राजकुमार पत्नी ज्योति के साथ आया था। इसके बाद रामलाल ने राजकुमार और ज्योति के साथ बैठकर शराब पी थी।
देर रात बदल गया राजकुमार
आरोप है कि देर रात राजकुमार और उसकी पत्नी ने पिस्टल दिखा कर रामलाल और कृष्ण को आर्टिगो कार में जबरदस्ती बैठा लिया और रोहतक ले गया। वहां दोनों को एक कमरे में बंद कर दिया गया।
फिर राजकुमार और ज्योति ने रामलाल से 20 लाख रुपये मंगवाने को कहा। इस पर पीड़ित ने कृष्ण को लॉकर की चॉबी देकर अपने भाई के पास जाकर 20 लाख रुपये लाने को कहा।
नौकर ने छावला पहुंचकर रामलाल के भाई को मामला बताया और फिर छावला थाने में केस दर्ज कराया।
ये अपहरण है या साजिश?
रामलाल के नौकर को अगवा करने के बाद जिस तरह उसे रुपये लाने के लिए भेजा गया, उससे सवाल हो गया है।
आमतौर पर देखा गया है कि अपहरणकर्ता किसी को बिना रकम लिए नहीं छोड़ते, ऐसे में नौकर को छोड़ना गले के नीचे नहीं उतर रहा है।
जिस तरह से राजकुमार ने रामलाल के साथ बैठ कर शराब पी, इससे जाहिर होता है कि दोनों की पहले से जान पहचान थी। ऐसे में राजकुमार उसके भाई को भी फोन कर फिरौती मांग सकता था।
पुलिस ने दिखाई जल्दबाजी
दक्षिण पश्चिम जिला पुलिस अधिकारियों का कहना है कि उन्हें उद्यमी के अपहरण की सूचना मिली थी। उन लोगों ने उस पर कार्रवाई की।
हालांकि, एफआईआर में साफ कहा गया है कि उनके बीच जान पहचान थी। ऐसे में रुपये के लेनदेन का मामला भी हो सकता था।
पुलिस मामले की बिना छानबीन किए बिना ही अपहरणकर्ता को दबोचने के लिए रोहतक पहुंच गई और गोलियां बरसाईं। पुलिस की यह जल्दबाजी भी कई सवाल खड़े कर रही है।
चार मामलों का हुआ है खुलासा
दिल्ली पुलिस ने जिस राजकुमार का अपहरण के मामले में रोहतक में एनकाउंटर किया, उस पर दिल्ली के नांगलोई और मियांवाली में दो और सिरसा व गुड़गांव में एक-एक लूट का मामला दर्ज है। दिल्ली पुलिस राजकुमार को कुख्यात अपराधी बता रही है।
हालांकि, पुलिस यह बताने से बच रही है कि उसने किस तरह की लूटपाट को अंजाम दिया है और क्या उसका कोई गिरोह था। जांच में यह बात सामने आई है कि राजकुमार दिल्ली पुलिस के रिटायर हवलदार सतबीर का बेटा था और नजफगढ़ में रह चुका है।
दक्षिण पश्चिम जिला पुलिस उपायुक्त सुमन गोयल ने कहा कि आरोपी द्वारा गोली चलाने के बाद पुलिस को अपने बचाव के लिए गोली चलानी पड़ी। राजकुमार एक कुख्यात बदमाश था और उस पर कारोबारी को अगवा करने का आरोप था।