जून 2017 तक मेट्रो के जरिए दिल्ली से जुड़ जाएगा राजा नाहर सिंह का शहर
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राजा नाहर सिंह का शहर 11 माह बाद राष्ट्रीय राजधानी से आधुनिकतम यातायात माध्यम यानि मेट्रो से जुड़ जाएगा। एस्कॉट्र्स मुजेसर से बल्लभगढ़ तक 2.34 किलोमीटर लंबे ट्रैक पर बुधवार को दो यू गर्डर रख इस रूट के एलिवेटेड ट्रैक को बिछाने का काम शुरू किया गया। डीएमआरसी ने जून 2016 में बल्लभगढ़ के लोगों को कोरियाई गुडिय़ा का सस्ता और आरामदेह सफर उपलब्ध कराने के लक्ष्य निर्धारित किया है।
बल्लभगढ़ को वायलट लाइन के नक्शे पर लाने में जुटी डीएमआरसी ने बुधवार को एस्कॉट्र्स मुजेसर स्टेशन से पी-10 लॉट के पिलर नंबर 27-28 के बीच 27 मीटर लंबे दो यू गर्डर रखे।
करीब 160 टन वजन के इन यू गर्डर को उठाकर रखने के लिए डीएमआरसी की 400 टन क्षमता की क्रेन का इस्तेमाल किया गया। डीएमआरसी की ओर से ट्रैक निर्माण कार्य करा रही लार्सन एंड टूब्रो कंपनी एक सप्ताह में 17 और यू गर्डर रखेगी।
कंपनी के सेक्टर 12 स्थित कास्टिंग यार्ड में तैयार किए गए इन गर्डर को लगाने में करीब चार घंटे का समय लगा। इस दौरान बल्लभगढ़ की ओर जाने वाले सर्विस रोड का यातायात रोक दिया गया। यू गर्डर रखने का कार्य डीएमआरसी के प्रोजेक्ट मैनेजर टीके भौसले, सहायक इंजीनियर सुधीर कुमार, सुनील राठौर की देखरेख में चल रहा है।
11 मीटर ऊंचाई पर होगी यात्रा
एस्कॉर्ट्स से बल्लभगढ़ स्टेशन के बीच मेट्रो जमीन से 11 मीटर ऊंचाई पर बिछाए जा रहे ट्रैक पर दौड़ेगी। 3.4 किलोमीटर लंबे इस ट्रैक में 110 पिलर होंगे। इस रूट पर 78 पिलर बनकर तैयार भी हो चुके हैं। इनमें से 17 पिलर पर पियर कैप भी लगाए जा चुके हैं। पियर कैप पर ही यू गर्डर टिकाया जाता है। डीएमआरसी प्रवक्ता के मुताबिक 27 मीटर लंबे और 5 मीटर चौड़े एक यू गर्डर का वजन 160 टन से अधिक होता है। ट्रैक पर कुल 218 यू गर्डर बिछाए जाने हैं।
जमीन नहीं मिलने से धीमा हुआ काम
डीएमआरसी सूत्रों के मुताबिक बल्लभगढ़ स्टेशन से पेट्रोल पंप तक की जमीन का विवाद चल रहा है। स्टेशन से आगे की यह जमीन ट्रेन के क्रॉस ओवर ट्रैक (अंतिम स्टेशन से ट्रेन वापस जाने के लिए दूसरे ट्रैक पर जाने के लिए बनने वाला ट्रैक) के लिए जरूरी है। सूत्रों के मुताबिक प्रशासन इस जमीन के अधिग्रहण के लिए प्रयासरत है, दो सप्ताह में यह जमीन भी मिल जाएगी। हुडा प्रशासक प्रियंका सोनी ने बुधवार को मेट्रो प्रोजेक्ट और साइट का दौरा किया।
तैयार हो रहे दोनों स्टेशन
डीएमआरसी के मुताबिक बल्लभगढ़ रेलवे स्टेशन की पहली दो मंजिल बन कर तैयार हो चुकी हैं। सिविल कार्य पूर्ण होने के साथ ही इलेक्ट्रिकल और मेकेनिकल काम शुरू किए जाएंगे। गुडईयर मेट्रो स्टेशन का सिविल कार्य भी 50 फीसदी पूरा हो चुका है।
बंद की गई सर्विस लेन
ट्रैक पर यू गर्डर रखने के की वजह से डीएमआरसी ने हाईवे की सर्विस रोड को बुधवार सुबह से ही बंद कर दिया। जब तक यह काम पूरा नहीं हो जाता, सर्विस रोड बंद रहेगी। डीएमआरसी की सुरक्षा टीम के सदस्य लोगों को एहतियात के साथ चलने के लिए प्रेरित कर रहे हैं, ताकि किसी तरह की दुर्घटना घटित न हो।
यह है एस्कॉट्र्स मुजेसर- बल्लभगढ़ प्रोजेक्ट
लंबाई : 3.4 किलोमीटर
स्टेशनों की संख्या : 02
पहला स्टेशन : गुडईयर
दूसरा स्टेशन -बल्लभगढ़
लंबाई 3.4 किलोमीटर
यू गर्डर -218
पिलर -110
पियर कैप बिछाए गए -17
डीएमआरसी के लिए यह बड़ी उपलब्धि है कि कुशलता के साथ दो यू गर्डर रखे गए। प्रोजेक्ट पर यू गर्डर एलाइनमेंट का काम करते हैं। हमारा लक्ष्य है कि जून 2017 से पहले ही काम पूरा कर लें। दिल्ली अब धीरे-धीरे बल्लभगढ़ के निकट आ रही है।-पीके भोंसले, प्रोजेक्ट मैनेजर, डीएमआरसी