फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Delhi ›   Delhi NCR News ›   Rain gives relief to Delhi-NCR people, improvement in air quality

बारिश ने दिल्ली-एनसीआर वालों को दी राहत, हवा के गुणवत्ता में आया सुधार

Tue, 01 Oct 2019 06:05 AM IST
Abhishek Singh न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: Abhishek Singh Updated Tue, 01 Oct 2019 06:05 AM IST
विज्ञापन
Rain gives relief to Delhi-NCR people, improvement in air quality
बारिश (फाइल फोटो) - फोटो : अमर उजाला

दिल्ली-एनसीआर के वातावरण को इस महीने मानसूनी बारिश ने धोकर बेहतर बना दिया। पूरे महीने दिल्ली में हवा की गुणवत्ता संतोषजनक से औसत दर्जे के बीच रही। किसी भी दिन यह खराब नहीं हुई। विशेषज्ञ मानते हैं कि मानसून आने के बाद हर साल दिल्ली-एनसीआर की हवा की गुणवत्ता में सुधार आता है। इस साल सितंबर में बारिश कम होने के बाद भी हवा की गुणवत्ता बेहतर रही है। हालांकि, इस बीच कोई भी दिन ऐसा नहीं रहा, जब वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) अच्छे स्तर पर गया हो।

विज्ञापन


केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) के आंकड़े बताते हैं कि इस साल थोड़ी राहत संतोषजनक स्तर की वायु गुणवत्ता वाले दिनों की संख्या ज्यादा होने से रही। 2017 में सितंबर महीने के नौ दिन का एक्यूआई संतोषजनक था, जबकि 19 दिन हवा औसत दर्जे की रही। 2018 और 2019 में यह आंकड़े क्रमश: 13 और 14 दिन व 16 और 11 दिन के बीच रहे।
विज्ञापन


विशेषज्ञों का कहना है कि हर साल बारिश की वजह से वायु मंडल धुल जाता है। इससे हवा में मौजूद प्रदूषक धरती पर आ जाते हैं। इसके अलावा, हवा की रफ्तार, तापमान जैसी मौसमी दशाएं अनुकूल रहने पर वायु प्रदूषण करीबन खत्म हो जाता है। दिल्ली में इस वक्त हालात बेहतर हैं, लेकिन पूरे महीने में कभी भी ऐसा नहीं हुआ कि एक्यूआई अच्छा दर्ज किया गया हो।
विज्ञापन
विज्ञापन


दिल्ली से बेहतर रहा एनसीआर

सीपीसीबी के आंकड़े बताते हैं कि इस साल दिल्ली से बेहतर हवा एनसीआर के शहरों की रही। फरीदाबाद में 12 दिन हवा की गुणवत्ता अच्छी रही। गुरुग्राम व नोएडा में यह आंकड़ा नौ व तीन दिन था। दिल्ली के 19 दिन की तुलना में फरीदाबाद में 21, गाजियाबाद में 22, नोएडा में 21 व गुरुग्राम में 24 दिन हवा की गुणवत्ता संतोषजनक स्तर की थी।

अक्तूबर के दूसरे हफ्ते से शुरू होगी चुनौती

सीएसई की कार्यकारी निदेशक अनुमिता राय चौधरी बताती हैं कि यह ट्रेंड पिछले करीब पांच साल से दिख रहा है। इस बार की खासियत दिल्ली-एनसीआर में एक दिन भी हवा की गुणवत्ता का खराब स्तर पर न जाना रहा है। मौसमी बारिश के अलावा इसकी वजह कोयले के संयंत्रों का बंद होना, खराब ईंधन के इस्तेमाल पर पाबंदी और निगरानी तंत्र मजबूत होना रहा। दूसरी तरफ, टेरी के अर्थ साइंस व क्लाइमेट चेंज प्रोग्राम के डायरेक्टर सुमित शर्मा का कहना है कि कोंडली-मानेसर-पलवल हाईवे चालू होने से भारी वाहन दिल्ली से डायवर्ट हो गए। दिल्ली के अलावा पड़ोसी राज्यों में बारिश अच्छी हुई है। इससे दिल्ली की तरफ आने वाली हवाएं साफ हैं। असल दिक्कत अक्तूबर के दूसरे हफ्ते से शुरू होगी।

तीन साल में एक्यूआई

साल संतोषजनक औसत खराब
2019 19 11 -
2018 16 13 01
2017 09 19 02

तीन साल में सितंबर में बारिश की मात्रा
साल मात्रा (औसत) दिन
2019 74.1 मिमी 07
2018 237.8 मिमी 14
2017 158.5 मिमी 07

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed