ट्रेनों में सीटें फुल: रेलवे का एलान, छठ और दीवाली पर चलेंगी क्लोन-स्पेशल ट्रेनें, यात्री कर रहे अभी से शिकायत
इस बार छठ और दीवाली के मौके पर फिर से भारतीय रेलवे स्पेशल ट्रेनें चलाएगा। अभी जाने वाली लगभग सभी ट्रेनों की सीट फुल हो चुकी हैं।
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दीवाली और छठ पर यात्रियों की राह आसान करने के लिए रेलवे क्लोन और स्पेशल ट्रेनें चलाएगा। क्लोन मूल ट्रेन के रवाना होने से बाद चलाई जाती हैं। नई दिल्ली, पुरानी दिल्ली, आनंद विहार और हजरत निजामुद्दीन रेलवे स्टेशनों से रोजाना औसतन करीब 800 ट्रेनें चलती हैं, जिनमें 10 लाख से अधिक यात्री सफर करते हैं। स्थिति यह है कि दिवाली और छठ के दौरान पूर्व दिशा की ओर जाने वाली लगभग सभी ट्रेनों की सीट फुल हो चुकी हैं। अभी सिर्फ प्रतीक्षा सूची का टिकट मिल रहा है।
वहीं, भारतीय रेलवे खानपान एवं पर्यटन निगम (आइआरसीटीसी) की वेबसाइट और मोबाइल एप से टिकट लेने में भी यात्रियों को दिक्कत हो रही हैं। यात्रियों की शिकायत है कि भुगतान करते समय एरर या अमान्य आईडी का मैसेज आ जाता है। इससे वह समय पर टिकट बुक नहीं कर पाते हैं। रेलवे अधिकारियों का कहना है कि यात्रियों की सुविधा के लिए क्लोन और विशेष ट्रेन चलाने की योजना है।
हर वर्ष दिवाली और छठ पूजा के समय ट्रेनों में भीड़ बढ़ जाती है। एक नवंबर को दिवाली है। उसके बाद ट्रेनों में छठ पूजा में घर जाने वालों की भीड़ बढ़ने लगती है। आरक्षित कोच के लिए ट्रेन के चलने की तिथि से 120 दिन पहले बुकिंग शुरू होती है। ऐसे में टिकट की बुकिंग शुरू होते ही सभी सीटें बुक हो जा रही हैं।
वहीं कई यात्रियों की शिकायत है कि ऑनलाइन टिकट बुक करते समय होने वाली परेशानी की वजह से वह कंफर्म टिकट लेने से वंचित रह जाते हैं। ऐसी ही दिक्कत तत्काल में टिकट लेते समय भी होती हैं। आइआरसीटीसी अधिकारियों का कहना है कि एक साथ अधिक लोगों के ऑनलाइन टिकट बुक करने से इस तरह की परेशानी होती है।
उत्तर रेलवे के दिल्ली डिवीजन के डीआरएम सुखविंदर सिंह ने बताया कि हर वर्ष त्योहारों पर यात्रियों की संख्या बढ़ जाती है। इसको लेकर तैयारियां की जाती है। सभी रूट पर ट्रेनों में भीड़ की समीक्षा कर जरूरत के अनुसार क्लोन और विशेष ट्रेनों की घोषणा की जाएगी। साथ ही जनरल और स्लीपर के नए कोच बनाए जा रहे हैं। इन काेच का इस्तेमाल विशेष ट्रेनों को चलाने में किया जाएगा।
इन ट्रेनों में नहीं मिल रहा कंफर्म टिकट...
डिब्रुगढ़ राजधानी, पटना राजधानी, श्रमजीवी एक्सप्रेस, मगध एक्सप्रेस, विक्रमशिला एक्सप्रेस, भागलपुर व जयनगर गरीब रथ सहित बिहार के अधिकांश शहरों को जाने वाली ट्रेनों में प्रतीक्षा सूची का टिकट मिल रहा है। वहीं प्रतीक्षा सूची वाले यात्री स्लीपर क्लास में सफर करने के लिए सवार हो जाते हैं। स्लीपर के एक कोच में 72 सीटें होती हैं। लेकिन कोच में यात्रियों की संख्या 150 तक पहुंच जाती है। दिन में यात्री किसी न किसी की सीट पर बैठकर सफर कर लेते हैं लेकिन रात में सोने के लिए ट्रेन की फर्श पर लेटना पड़ता है या किसी की सीट पर बैठकर सफर करना पड़ता है। इससे प्रतीक्षा सूची वाले यात्रियों को असुविधा तो होती है साथ ही उन यात्रियों को भी परेशानी का सामना करना पड़ता है, जिनकी सीट कंफर्म है। स्थिति यह हो जाती है कि स्लीपर क्लास जनरल क्लास में तब्दील हो जा रहा है।
मालगाड़ियों के हटने से राहत की उम्मीद
रेलवे के सेवानिवृत्त सीनियर सेक्शन इंजीनियर और आल इंडिया रेलवेमेंस फेडरेशन के महासचिव शिव गोपाल मिश्रा ने बताया कि डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर बन रहा है। मालगाड़ियां डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर पर शिफ्ट हो जाएगी तो रेलवे स्टेशनों पर ट्रेनों के लिए जगह खाली हो जाएगी। इसपर रेलवे काम कर रहा है।
अभी चल रही हैं चार क्लोन ट्रेनें
वर्तमान में नई दिल्ली रेलवे स्टेशन से बिहार संपर्क क्रांति, वैशाली एक्सप्रेस, संपूर्ण क्रांति और रांची गरीब रथ की क्लोन ट्रेनें चलाई जा रही हैं। हालांकि क्लोन ट्रेन चलाने में समस्या भी आ रही है। दरअसल दिल्ली में रेलवे स्टेशनों पर पहले से ट्रेनों का इतना दबाव है कि क्लोन ट्रेनें चलाने की प्लेटफार्म पर जगह नहीं मिल पा रही हैं। इससे इन रेलवे स्टेशनों पर पहले से ट्रेनों का दबाव होने के कारण क्लोन ट्रेनें चलाने की स्थिति नहीं बन पा रही है। रेलवे के अधिकारियों का कहना है कि स्पेशल या क्लोन ट्रेनें चलाने के लिए कुछ ट्रेनों को डायवर्ट किया जाता है जिससे स्लाट बनाया जा सके।