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इस शहर में आसान नहीं राहगीरी की 'राह'

Tue, 19 Aug 2014 05:09 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, फरीदाबाद
ब्यूरो/अमर उजाला, फरीदाबाद Updated Tue, 19 Aug 2014 05:09 PM IST
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rahgiri is not getting good output in faridabad

औद्योगिक शहर फरीदाबाद में राहगीरी की डगर आसान नहीं रही। प्रशासन की सुस्ती और बजट की कमी दोनों ही राहगीरी के रास्ते की बाधक बनी हैं। नतीजा एक रविवार (29 जून) के बाद शहरवासी राहगीरी का इंतजार ही करते रहे।

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गुड़गांव में सफल रही राहगीरी की शुरुआत फरीदाबाद में कुछ खास रंग नहीं जमा पाई। काफी मशक्कत के बाद किसी तरह सेक्टर-12 में राहगीरी का आयोजन तो हो गया, मगर दोबारा इसे कराने में खुद आयोजकों का दम निकल गया। सूत्रों की मानें तो बजट और प्रशासन की हीलाहवाली आयोजन में सबसे बड़ी बाधक है।
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उम्मीद के हिसाब से नहीं जुटी भीड़
गुड़गांव की तर्ज पर फरीदाबाद में राहगीरी का आयोजन कर रही कंफेडरेशन ऑफ आरडब्ल्यूए ने अपने दम पर शुरुआत तो कर दी, मगर इसे सुचारु नहीं किया जा सका। पहली बार राहगीरी पर आयोजकों ने पांच लाख रुपये खर्च किए, मगर उम्मीदों के हिसाब से भीड़ नहीं जुटा सके। इतना ही नहीं सबसे ज्यादा समस्या कार्यक्रम को अनुमति दिलाने में आई। कंफेडरेशन को प्रशासन से अनुमति लेने में इधर-उधर भटकने के साथ ही 15 दिन लग गए।

गुड़गांव में कमिश्नर ने की थी पहल

गुड़गांव में राहगीरी की सफलता का कारण वहां के प्रशासन की भागीदारी थी। वहां के पुलिस कमिश्नर आलोक मित्तल ने इस कार्यक्रम को सफल बनाने में बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। बाद में नगर निगम आयुक्त ने काफी दिलचस्पी दिखाई। काफी नए प्रयोग किए गए, लेकिन यहां प्रशासन की सुस्ती के कारण संभव नहीं हो सका।

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