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Qutub Minar: कुतुब मीनार परिसर में पूजा के अधिकार पर फैसला टला, न्यायालय ने 24 अगस्त दी अगली तारीख
Thu, 09 Jun 2022 01:04 PM IST
प्रशांत कुमार
एएनआई, दिल्ली
एएनआई, दिल्ली
Published by: प्रशांत कुमार
Updated Thu, 09 Jun 2022 01:04 PM IST
सार
याचिकाकर्ता का कहना है कि एक बार कोई भगवान है तो वो हमेशा के लिए भगवान है। मंदिर के ध्वंस के बाद इसका चरित्र नहीं बदल जाएगा और न ही ये अपनी गरिमा खोएगा। मैं एक उपासक हूं। आज भी देवी-देवताओं की ऐसी छवियां हैं, जो वहां देखी जा सकती हैं। वहां एक लौह स्तंभ भी है जो 1600 साल पुराना है।
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Qutub Minar
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विस्तार
दिल्ली की साकेत कोर्ट ने कुतुब मीनार परिसर के अंदर पूजा के अधिकार की मांग करने वाली याचिकाओं पर आदेश की घोषणा को 24 अगस्त के लिए टाल दिया है। इससे पहले 27 हिंदू और जैन मंदिरों के जीर्णोद्धार के संबंध में दायर एक अपील पर सुनवाई की थी। सभी पक्षों की दलीलें सुनने के बाद मामले में फैसले के लिए 9 जून की तारीख तय की थी।
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इससे पहले भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (एएसआई) ने अदालत में एक हलफनामा दायर कर यह भी बताया कि कुतुब मीनार एक निर्जीव इमारत है, जहां किसी को भी पूजा-पाठ या किसी भी तरह की धार्मिक गतिविधि करने का कानूनी हक नहीं है।
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